कला और सिनेमा के क्षेत्र में योगदान के लिए आर माधवन को किया गया सम्मानित, कभी जाना चाहते थे आर्मी में

पुनः संशोधित गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021 (14:18 IST)
बॉलीवुड एक्टर को कला और सिनेमा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉक्टर ऑफ लैटर्स (डी लिट) की उपाधि से नवाजा गया। ये सम्मान उन्हें कोल्हापुर की डीवाई पाटिल एजुकेशन सोसाइटी ने दिया। माधवन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ये खबर शेयर की, जिसे सोसाइटी के ट्रस्टी रुतुराज पाटिल ने पोस्ट किया था।
माधवन को यह सम्मान एजुकेशन सोसाइटी के नौवें दीक्षांत समारोह में प्रदान किया गया। माधवन ने कहा, मैं वास्तव में बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। यह मुझे आगे बढ़ने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करेगा।

आर माधवन की स्टडीज की बात की जाए तो 50 साल के रंगनाथन माधवन इलेक्ट्रॉनिक्स में बीएससी की है। 1988 में माधवन को अपने स्कूल को बतौर कल्चरल एम्बेसेडर कनाडा में रिप्रेजेंट करने का अवसर मिला था। वो ब्रिटिश आर्मी यानी रॉयल नेवी और रॉयल एयर फोर्स के साथ ट्रेनिंग हासिल करने वाले एनसीसी कैडेट भी रहे हैं।
माधवन आर्मी ज्वॉइन करना चाहते थे, लेकिन उनकी उम्र 6 महीने कम निकली। 90 के दशक के अंत में अपने करियर की शुरुआत करने वाले अभिनेता को 2000 में फिल्मकार मणिरत्नम की तमिल रोमांटिक फिल्म अलाईपयूथे से सफलता मिली। इसके बाद वे रहना है तेरे दिल मे, 3 इडियट्स, तन्नू वेड्स मनु और 2017 की थ्रिलर फिल्म विक्रम वेधा जैस लोकप्रिय फिल्मों में नजर आए।

माधवन इन दिनों इसरो के पूर्व साइटिस्ट नंबी नारायणन की बायोपिक 'रॉकेट्री द नंबी' इफैक्ट के पोस्ट प्रोडक्शन में जुटे हैं। इसके पहले उन्हें अमेजन प्राइम की ओरिजनल वेबसीरीज ब्रीद में देखा गया था।



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