टेलीविजन की दुनिया में 'शक्तिमान' और 'महाभारत' के 'भीष्म पितामह' जैसे अमर किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना आज भी दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए हैं। 67 वर्ष की उम्र में भी उनका जीवन और उनके विचार किसी को भी गहराई से प्रभावित और प्रेरित कर सकते हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने जीवन, शादी, रिश्तों और पुरुषत्व जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर बात की है। उनके विचार आधुनिक दुनिया की सोच से काफी अलग हैं और आध्यात्मिक पहलुओं से जुड़े हुए हैं। आइए जानते हैं कि इस दिग्गज अभिनेता की जिंदगी के बारे में क्या खास बातें सामने आई हैं।
आज के समय में रिश्तों और मर्दानगी को लेकर लोगों की सोच बहुत तेजी से बदल चुकी है। इस पर बात करते हुए मुकेश खन्ना ने एक दिलचस्प वाकया भी साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माता रवि चोपड़ा ने एक बार उनसे कहा था कि "मर्द वो होता है जिसके कई अफेयर हों।" मुकेश खन्ना ने इस बात का पूरी तरह से कड़ा विरोध किया। उनका मानना है कि मर्दानगी साबित करने के लिए 10 गर्लफ्रेंड्स बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है। चरित्र, इंसानियत और अपनी जिम्मेदारियों को निभाकर भी अपनी ताकत साबित की जा सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे महिलाओं का बहुत सम्मान करते हैं और उनके मन में महिलाओं के लिए कोई दुर्भावना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में उनके कई दोस्तों के अफेयर थे, लेकिन वे हमेशा इस सोच से दूर रहे। उनके अनुसार, दिखावे और कई महिलाओं के साथ रिश्ते बनाने से कोई मर्द नहीं बनता, बल्कि असल मर्द वह होता है जो अपनी जिम्मेदारियों को समझे और महिलाओं का सम्मान करे।
शादी और वैवाहिक निष्ठा को लेकर उनका नजरिया
मुकेश खन्ना का मानना है कि शादी एक बेहद पवित्र संस्था है और वे इस संस्था में अधिकांश लोगों से कहीं अधिक विश्वास करते हैं। उन्होंने समाज के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर यह कहा जाता है कि स्त्री को 'पतिव्रता' होना चाहिए, लेकिन क्या कभी किसी पुरुष को भी पतिव्रता रहने के लिए कहा गया है? उनका स्पष्ट मानना है कि विवाह के बाद दो आत्माएं मिल जाती हैं, और दोनों पक्षों को एक-दूसरे के प्रति समान रूप से प्रतिबद्ध रहना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति शादी के बाद भी बेवफाई करता है, तो यह अपने साथी के साथ बहुत बड़ा धोखा है।
जब मुकेश खन्ना से पूछा गया कि उन्होंने अब तक शादी क्यों नहीं की, तो उनका जवाब बहुत ही आध्यात्मिक और सरल था। उनका मानना है कि शादी इंसान की खुद की मर्जी से नहीं, बल्कि किस्मत और प्रारब्ध से तय होती है। उन्होंने कहा, पत्नी कोई ऐसी चीज नहीं है जो यूं ही मिल जाए, वह किस्मत में लिखी होती है।
उन्होंने बताया कि पिछले जन्मों के कर्मों के आधार पर ही जीवनसाथी का चुनाव होता है। उनका मानना है कि जिस स्त्री से उनकी शादी होनी तय है, वह कहीं न कहीं इस दुनिया में मौजूद है। जब भाग्य का सही समय आएगा, तब उनका विवाह हो जाएगा, और इसके लिए उम्र की कोई सीमा नहीं होती।
मुकेश खन्ना का कहना है कि सच्चा प्यार जीवन में केवल एक बार ही होता है। बाकी सारी चीजें केवल आकर्षण या वासना का हिस्सा मात्र हैं। यदि कोई व्यक्ति एक इंसान से 'आई लव यू' कहता है और फिर दूसरे के पास चला जाता है, तो यह कृतघ्नता है। उनके अनुसार, प्यार में वफादारी और गहराई का होना बहुत जरूरी है, जो आज के समय में कहीं न कहीं कम होती जा रही है।