सास शर्मिला टैगोर के साथ कमरे में अकेले जाने से डरती थीं अमृता, सैफ से करती थीं ये मिन्नतें!
बॉलीवुड अभिनेत्री अमृता सिंह 9 फरवरी को अपना 68वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। 1980 के दशक में अपनी तीखी आवाज और दमदार अभिनय से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली अमृता ने अपनी शर्तों पर जिंदगी जी है। पाकिस्तान (हड़प्पा) में जन्मीं और दिल्ली के रईस खानदान से ताल्लुक रखने वाली अमृता ने जब 1983 में फिल्म 'बेताब' से डेब्यू किया, तो रातों-रात स्टार बन गईं।
अमृता सिंह का करियर जब सातवें आसमान पर था, तब उनकी मुलाकात एक ऐसे लड़के से हुई जो उनसे उम्र में 12 साल छोटा था और तब तक बॉलीवुड में अपनी जगह तलाश रहा था—वो थे पटौदी खानदान के चश्मे-चिराग सैफ अली खान। सैफ की मासूमियत और अमृता की बेबाकी के बीच प्यार ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने 1991 में दुनिया की परवाह किए बिना गुपचुप निकाह कर लिया।
शादी के बाद अमृता को न केवल करियर छोड़ना पड़ा, बल्कि पटौदी परिवार में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष भी करना पड़ा। एक पुराने इंटरव्यू में अमृता ने खुलासा किया था कि उनकी सास, दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के साथ उनके रिश्ते काफी तनावपूर्ण थे।
अमृता ने बताया था कि वह सैफ से अक्सर यह गुजारिश करती थीं कि प्लीज, मुझे मम्मी (शर्मिला टैगोर) के साथ कमरे में अकेला मत छोड़ना। अमृता को डर लगता था कि वह सास के साथ अकेले बातचीत कैसे करेंगी, क्योंकि उनके बीच वैचारिक मतभेद बहुत गहरे थे। कहा जाता है कि शर्मिला इस शादी के खिलाफ थीं, क्योंकि सैफ ने उन्हें बिना बताए अमृता को अपना जीवनसाथी चुना था और दोनों के बीच उम्र का बड़ा फासला था।
फिल्मों में आने से पहले अमृता एक बेहतरीन हॉकी खिलाड़ी थीं। 2004 में तलाक के बाद, अमृता ने अकेले ही सारा अली खान और इब्राहिम अली खान की परवरिश की। उन्होंने खुद को स्क्रीन से दूर रखा ताकि वह बच्चों को पूरा वक्त दे सकें।
सैफ और अमृता का 'बेखुदी' से तलाक तक का सफर
सैफ और अमृता की पहली मुलाकात फिल्म 'बेखुदी' के सेट पर एक फोटोशूट के दौरान हुई थी। उस समय अमृता एक स्थापित अभिनेत्री थीं और सैफ स्ट्रगलर। सैफ पहली ही नजर में अमृता पर दिल हार बैठे थे। हालांकि, यह 13 साल का सफर 2004 में खत्म हो गया, लेकिन आज भी अमृता सिंह अपनी गरिमा और आत्मनिर्भरता के लिए जानी जाती हैं।