फिल्म 'डार्लिंग्स' में अपने किरदार को लेकर विजय वर्मा ने कही यह बात

रूना आशीष| पुनः संशोधित शुक्रवार, 5 अगस्त 2022 (15:32 IST)
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डार्लिंग्स में मेन लीड निभाने के लिए सबसे पहले मुझे आलिया का फोन आया और मैं बहुत खुश होकर पूरी कहानी को सुनने लगा। मुझे ऐसा लगा कि रोल में बहुत कुछ है जो सामने आना चाहता है और मुझसे कहना चाहता है कि मुझे ये काम करना ही चाहिए। उसके बाद जब मैंने पूरी स्क्रिप्ट पढ़ी तब मुझे थोड़ा सा कंफ्यूजन भी हो रहा था। थोड़ा सा सोचने में भी आ रहा था कि इतने सारे रंगों में डूबा हुआ।


यह इतने सारे परतों में रहने वाला इंसान कैसा है। इसे निभाना कैसे हैं और यह मैं बात कर रहा हूं अप्रैल 2019 की। उसके बाद लॉकडाउन लग गया। इस दौरान मैंने निर्देशक के साथ कई बार जूम पर मीटिंग की। उनसे इस रोल की गहराइयों को समझने की कोशिश की कि क्या एक निर्देशक चाहता है कि मैं रोल निभाऊं और उस किरदार को लोगों के सामने लेकर आऊं। यह कहना है विजय वर्मा का, जो कि डार्लिंग्स में मेन लीड में ‍दिखाई दे रहे हैं। फिल्म में वह आलिया के पति का रोल निभा रहे हैं।

मीडिया से खास बातचीत करते हुए विजय ने बताया कि जब फिल्म बन रही थी उस दौरान मेरे कई लंबी फोन कॉल मीटिंग हुआ करती थी। निर्देशिका के साथ हर बात को समझने की कोशिश करता रहता था। इसके बाद फिर जैसे ही लॉकडाउन खुला हम लोग खुद भायखला गए और वहां पर लोगों से मिले। मैंने जाना कि वहां के लोगों की बोलने की स्टाइल कैसी होती है किस लहजे में वो एक दूसरे से बात करते हैं?

मैं गली बॉय में एक अलग किरदार से लोगों के सामने आया हूं। धारावी का रहने वाला हूं, लेकिन यह जो किरदार है यह दक्षिण मुंबई में भायखला में रहने वाले एक शख्स है तो वह कैसे अपनी जिंदगी को देखता है और रोचक बात यह थी कि इसमें मुझे पता था कि मैं आलिया के पति का रोल निभाने वाला हूं। मैं बहुत प्यार करता हूं। वह भी मुझसे बहुत प्यार करती है। हम शादी भी करते हैं तो जिंदगी अच्छी जीना चाहते हैं, लेकिन फिर कुछ ऐसा होता है। हम दोनों की शादी में कि आपको समझ में आ जाता है कि कहीं कुछ गड़बड़ है।

मेरे किरदार को परत दर परत समझने में मुझे निर्देशक ने बहुत मदद की। इसके अलावा मेरे पास एक और चीज भी थी जिस पर मुझे काम करना था या मुझे देखना था वह था आलिया की मां यानी मेरी सासू मां से निपटना। वह भी एक नया ही रंग लेकर आया है मेरे कैरेक्टर के लिए। इसके बाद फिर लॉकडाउन खुला हमने शूट शुरू की और फिर धीरे-धीरे पूरी तरह से इस फिल्म में डूब गए। इसमें कई किरदार है चाहे वह शेफाली हो या आलिया हो या रोशन हो या फिर विजय मौर्य हो सभी ने इतने रोचक तरीके से किरदार निभाए हैं कि आप जब देखेंगे तो आपको भी बड़े मजेदार लगेंगे सब लोग।
फिल्म इंडस्ट्री में आपको लगभग 10 साल होने आए हैं। आप अपने सफर को किस तरीके से आंकते हैं?
इस अक्टूबर में मुझे 10 साल पूरे हो जाएंगे मैं 2008 में फिल्म इंडस्ट्री में अपनी किस्मत आजमाने के लिए आया था। बस यही सोच कर आए थे कि एक तो कोई फिल्म मिल जाए। कुछ तो हो जाए, हमारा काम है, फिर मिली भी सही। चिटगांव की बात कर रहा हूं। लेकिन वह 2012 में रिलीज हुई साथ में एक और फिल्म भी कर रहा था जो 6 साल बाद रिलीज हुई तो शुरुआती दौर में तो मैं सिर्फ इंतजार ही करता रह गया। उसके बाद फिर गली बॉय मिली, फिर पीछे मुड़ने का मौका मुझे नहीं मिला।

आप इस फिल्म में बहुत पीटे हैं। इतनी सारी महिलाओं के बीच में लगता है बड़ी पिटाई का सामना करना पड़ा।
(हंसते हुए) हां देखे ना आस पास सभी महिलाएं है लेकिन इतना ही रोल है ये नहीं कहूंगा। कुछ बातें हैं जो बताई गई है और ऐसी फिल्में समाज की पूरी सच्चाई दिखा रही है ऐसा भी नहीं है। कहा जाता है कि फिल्में समाज का दर्पण होती है जो होता है वह दिखाया जाता है लेकिन यह भी उतना ही सच है हर बार आइना पूरी सच्चाई ही दिखा कर आपके सामने ले आए ऐसा भी नहीं है।

ये भी होता है ना हम कई बार अपना फोटो या कभी अपने आप को आईने में देखते हैं तो अच्छा लगता है और फिर जब सेल्फी लेता है तब लगता है उस आईने से पूछा कि ऐसा क्या है मुझ में? बहुत सारी चीजें सच्चाई दिखाई गई है, लेकिन वह पूरी सच्चाई होगी ही, ऐसा मैं नहीं कहता।

फिल्म गली बॉय और ओटीटी पर आने के बाद आपको बहुत सारा प्यार मिल रहा है। किस तरह से देखते हैं इस प्यार को।
यह बात बिल्कुल सही है कि पहले सब लोग गली बॉय में देखा था तब मुझे बहुत प्यार किया और अब जब मुझे ओटीटी पर अलग-अलग फिल्मों में यहां कांटेट में देखते हैं तब भी मुझे बहुत सारा प्यार मिलता है। यह पूरा समय अनोखा था इसलिए क्योंकि जैसे ही लॉकडाउन शुरू हुआ है, उसी समय में मेरी वेब सीरीज लोगों के सामने आई थी। मुझे बड़ा आश्चर्य वहां के लोग किस तरीके से मुझे अपने रिएक्शन दे रहे हैं।
अमूमन यह होता है कि आप फिल्में देखने जाते हैं तो लोगों सीटियां बज रहे हैं या नहीं या मस्ती कर रहे हैं। तब समझ में आता है कि आप के रोल को पसंद किया गया है या नहीं। लेकिन इस बार तो वो माहौल नहीं था, लोग घर पर बैठ कॉन्टेंट देख रहे थे। ऐसे में मुझे कई लोगों ने कहीं स्टोरी डाली, कहीं ट्वीट कर दिया तो कहीं मुझे आपस में मैसेज भेज दिया। मुझे इंस्टा पर अलग से लिखकर भेज दिया कि तुम्हें देखा है। बड़ा मजा आ रहा है। बहुत पसंद कर रहे हैं। और ओटीटी पर तो हर एक को प्यार मिल रहा है।



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