वर्ल्ड कप 2019: पाकिस्तान की नींद उड़ाने वाले विश्व कप के वे 6 मैच

पुनः संशोधित रविवार, 16 जून 2019 (08:33 IST)
अभिजीत श्रीवास्तव, बीबीसी संवाददाता
2019 में उस हाई वोल्टेज मुकाबले की उलटी गिनती बस कुछ ही पलों के इंतज़ार के बाद खत्म होने वाली है जो दो चिर प्रतिद्वंद्वियों भारत और पाकिस्तान के बीच होना है। रविवार को मैनेचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में 26 हजार दर्शकों के बीच दोनों टीमें आपस में भिड़ रही हैं।
 
दोनों देशों के बीच क्रिकेट की लोकप्रियता और खेल प्रेमियों के बीच दीवानगी को ऐसे भी समझा जा सकता है कि मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान में होने वाले इस मुक़ाबले के सभी टिकट कई महीने पहले रिलीज के महज 48 घंटों में ही बिक गए थे। 26 हजार की क्षमता वाले इस स्टेडियम में टिकट पाने के लिए आयोजकों के पास पांच लाख से अधिक लोगों का अनुरोध पहुंचा।
 
प्रतिद्वंद्विता इस हद तक है कि इन दोनों देशों के समर्थकों के लिए वर्ल्ड कप का यह मुकाबला जीत लेना ही वर्ल्ड कप जीतने जैसा होगा, इसमें कोई दो राय नहीं है। दोनों देशों के बीच क्रिकेट के मैदान में मुकाबलों का एक शानदार इतिहास रहा है और हर मैच में दोनों टीमों की बेचैनी चरम पर होती है।
 
2015 से 2019 के बीच केवल चार बार भिड़ी दोनों टीमें
 
भारत ने 2008 में मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद से ही पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट खेलने से इनकार कर रखा है। लिहाज़ा ये दोनों टीमें आईसीसी वर्ल्ड कप और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट्स में ही भिड़ती हैं। 2015 के वर्ल्ड कप से 2019 के वर्ल्ड कप के बीच ये दोनों टीमें केवल चार बार ही आपस में भिड़ी हैं। दो बार चैंपियंस ट्रॉफ़ी में और दो बार एशिया कप टूर्नामेंट में।
 
बीते वर्ष सितंबर के महीने में एशिया कप के दौरान दोनों टीमों के बीच दो मैच खेले गये थे और दोनों बार भारत ने बड़े अंतर से मुकाबले जीते थे। हालांकि 2017 में इंग्लैंड में खेले गये चैंपियंस ट्रॉफ़ी के दौरान लीग मैच में मिली जीत के बाद भारत, पाकिस्तान के हाथों फाइनल में हार गया था।
 
वनडे आंकड़ों में पाकिस्तान का पलड़ा भारी
भारत ने वर्ल्ड कप के 44 सालों के इतिहास में कुल 77 मैचों में से 48 जीते हैं। वहीं पाकिस्तान के लिए यह आंकड़ा 74 में 41 जीत का है। वैसे जहां बात तक दोनों टीमों के बीच अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मुक़ाबलों के आंकड़ों की है तो यहां पाकिस्तान को ज़्यादा जीत मिली है।
 
1978 में भारत और पाकिस्तान के बीच पहला वनडे खेले जाने के बाद से अब तक दोनों देशों के बीच 131 एकदिवसीय मुकाबले हुए हैं। इनमें से पाकिस्तान को 73 जबकि भारत को 54 मुक़ाबलों में जीत मिली है, वहीं चार मैच ड्रॉ रहे।
 
हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच बीते 30 मुकाबलों को देखें तो यहां 19 जीत के साथ भारतीय टीम कहीं आगे है।
 
लेकिन वर्ल्ड कप में भारत हावी
वहीं बात अगर वर्ल्ड कप की कि जाए तो यहां पलड़ा भारत की तरफ़ पूरी तरह झुका हुआ है। वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत ने अब तक पाकिस्तान पर सौ फीसदी जीत का रिकॉर्ड कायम रखा है। 1975 में वर्ल्ड कप की शुरुआत के बाद से 1987 तक यानी, पहले चार टूर्नामेंट में ये दोनों टीमें कभी आपस में नहीं भिड़ीं। लेकिन इसके बाद से अब तक केवल एक वर्ल्ड कप (2007) को छोड़ हर बार इन दोनों के बीच मुक़ाबले होते रहे हैं। और अब तक दोनों देशों के बीच वर्ल्ड कप में कुल छह मुक़ाबले हुए हैं और नतीजे 6-0 से पूरी तरह भारत के पक्ष में हैं। 1992 में भारत ने पाकिस्तान को वर्ल्ड कप में हराने का जो सिलसिला शुरू किया वो 27 साल बाद आज भी बरकरार है।
 
चलिए क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच अब तक हुए मुकाबलों पर डालते हैं एक नजर-
 
भारत-पाक का पहला वर्ल्ड कप मुकाबला
तारीखः 04-03-1992
1992 बेंसन-हेजेस वर्ल्ड कप
कहां: सिडनी क्रिकेट ग्राउंड, ऑस्ट्रेलिया
नतीजाः 43 रन से जीता भारत
मैन ऑफ द मैचः सचिन तेंदुलकर
 
भारत और पाकिस्तान वर्ल्ड कप शुरू होने के 17 सालों बाद वर्ल्ड कप के पांचवें संस्करण में पहली बार एक दूसरे के सामने आए।
 
भारत ने टूर्नामेंट में अब तक तीन मैच खेल रखे थे और अब तक जीत का स्वाद नहीं चखा था। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान ने भी इतने ही मुकाबलों में से एक में जीत दर्ज की थी। लिहाज़ा दोनों ही टीमों पर दोतरफ़ा दबाव था। भारत पर पहली जीत दर्ज करने का तो पाकिस्तान पर दूसरी जीत के साथ टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत करने का।
 
टॉस जीतकर मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने पहले बल्लेबाज़ी चुनी। भारतीय टीम ने सचिन तेंदुलकर के नाबाद 54 रनों और अजय जडेजा के 46 रनों की बदौलत इस मैच में पाकिस्तान के सामने 217 रनों का लक्ष्य रखा।
 
भारतीय पारी में कप्तान अज़हरुद्दीन (32) और कपिल देव (35) ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम के विकेट लगातार गिरते रहे और उसकी पारी 173 रनों पर सिमट गई। आमिर सोहेल ने 62 तो जावेद मियांदाद ने बेहद धीमी 40 रनों की पारी खेली। वहीं कप्तान इमरान अपना खाता तक नहीं खोल सके।
 
पाकिस्तान इस टूर्नामेंट का अगला मुक़ाबला भी दक्षिण अफ़्रीका से हार गया लेकिन इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और न्यूज़ीलैंड को हराकर चौथी बार वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में जा पहुंचा। यहां एक बार फिर न्यूज़ीलैंड से मुक़ाबला हुआ। और पाकिस्तान उसे हरा कर न केवल पहली बार फ़ाइनल में पहुंचा बल्कि इंग्लैंड को हराते हुए पहली बार वर्ल्ड कप जीतने में कामयाब भी हुआ।
 
भारत-पाक का दूसरा वर्ल्ड कप मुकाबला
कबः 1996 विल्स वर्ल्ड कप
तारीखः 09-03-1996
कहां: एम। चिन्नास्वामी स्टेडियम, भारत
नतीजाः 39 रन से जीता भारत
 
भारतीय टीम को लगातार दूसरे वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ना पड़ा। अपने घरेलू मैदान एम। चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुए इस मैच में भारत ने सलामी बल्लेबाज़ नवजोत सिंह सिद्धू के 93 रनों की बदौलत 46 ओवर तक 236 रन बना लिए थे।
 
इसके बाद अजय जडेजा ने एक अविस्मरणीय पारी खेली और पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ और इन-स्विंग यॉर्कर के महारथी वकार यूनुस के दो लगातार ओवर्स में 18 और 22 रन बटोरे। स्लॉग ओवर्स में वकार इन-स्विंग यॉर्कर डालेंगे जडेजा को अहसास था और उन्होंने उस गेंद का इंतजार किया और उस पर छक्के जड़े। 25 गेंदों पर जडेजा के 45 रनों की बदौलत भारत ने 287 रनों का लक्ष्य रखा।
 
जब पाकिस्तान बल्लेबाज़ी के लिए उतरा तो आमिर सोहेल ने ज़बरदस्त बैटिंग की और एक वक्त पाकिस्तान का स्कोर एक विकेट पर 113 रन था। वेंकटेश प्रसाद की गेंदों पर छक्के जड़ने के बाद आमिर के साथ मैदान पर ही उनकी नोंकझोंक हुई। लेकिन इसके बाद वेंकटेश ने आमिर की गिल्लियां बिखेरते हुए उन्हें पवेलियन जाने का इशारा किया।
 
मिडिल ऑर्डर में जावेद मियांदाद और सलीम मलिक ने उम्दा पारियां खेलीं। हालांकि भारतीय स्पिन गेंदबाजों, अनिल कुंबले और वेंकटपति राजू के आगे पाकिस्तान के बल्लेबाज़ देर तक नहीं टिक सके और भारत 39 रनों से यह मुक़ाबला जीत गया।
 
भारत-पाक का तीसरा वर्ल्ड कप मुकाबला
कबः 1999 आईसीसी वर्ल्ड कप
तारीखः 08-06-1999
कहां: ओल्ड ट्रैफर्ड, इंग्लैंड
नतीजाः 47 रन से जीता भारत
 
इस मैच में भी भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए छह विकेट पर 227 रनों का स्कोर खड़ा किया, जिसमें सचिन (45) और राहुल द्रविड़ (61) के योगदान अहम रहे। कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी 59 रन बनाए।
 
पाकिस्तान इस मैच में 45.3 ओवरों में 180 रन बनाकर धराशायी हो गया था। भारत के लिए वेंकटेश प्रसाद ने पांच और जवागल श्रीनाथ ने तीन विकेट चटकाए थे। भले ही पाकिस्तान यह मुकाबला हार गया लेकिन वो पहले ही वेस्टइंडीज़ और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों को हरा चुका था, लिहाज़ा सेमीफ़ाइनल में पहुंच गया। यहां एक बार फिर 1992 की ही तरह न्यूजीलैंड उसके सामने था और यहां भी नतीजा पाकिस्तान के पक्ष में ही गया। पाकिस्तान 1992 के बाद एक बार फिर वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में जा पहुंचा लेकिन यहां उस पर लीग मैच में हार चुकी ऑस्ट्रेलिया भारी पड़ी।
 
भारत-पाक का चौथा वर्ल्ड कप मुकाबला
कबः 2003 आईसीसी वर्ल्ड कप
तारीखः 01-03-2003
कहां: सेंचुरियन, दक्षिण अफ़्रीका
नतीजाः 6 विकेट से जीता भारत
 
वर्ल्ड कप में भारत के ख़िलाफ चौथी बार मैदान पर उतरी पाकिस्तान टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सईद अनवर (101) की शतकीय पारी की बदौलत 273 रनों का शानदार स्कोर खड़ा किया। लेकिन भारतीय टीम ने सचिन तेंदुलकर (98) और वीरेंद्र सहवाग (21) की बदौलत शानदार शुरुआत की। द्रविड़ (नाबाद 44) और युवराज सिंह (नाबाद 50) ने 26 गेंद बाकी रहते टीम को जीत दिला दी।
 
यह वो दिन था जब भारतीय बल्लेबाजों ने पाकिस्तान के गेंदबाजों की बहुत धुनाई की थी। यह उस वक्त के सबसे तेज गेंदबाज शोएब अख्तर और सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर के बीच मुकाबला था और मैच के दौरान सचिन शोएब की गेंदों को बार-बार बाउंड्री के पार पहुंचा रहे थे।
 
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 273 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी सहवाग और सचिन की जोड़ी। सहवाग 21 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए लेकिन सचिन एक छोर पर डट गए और 75 गेंदों पर 12 चौके और एक छक्के की बदौलत 98 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। अंत में राहुल द्रविड़ और युवराज सिंह ने भी शतकीय साझेदारी की और भारत 26 गेंद शेष रहते यह मैच जीत गया। सचिन उस टूर्नामेंट के मैन ऑफ द टूर्नामेंट थे।
 
सचिन ने अपने रिटायरमेंट के बाद भी कहा था कि विश्व कप का उनका सबसे बेहतरीन मैच 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया मुकाबला था। यह वहीं टूर्नामेंट था जिसमें 1983 के बाद पहली बार भारतीय टीम फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी।
 
भारत-पाक का पांचवा वर्ल्ड कप मुकाबला
कबः 2011 आईसीसी वर्ल्ड कप
तारीखः 30-03-2011
कहां: मोहाली, भारत
नतीजाः 29 रन से जीता भारत
 
भारत-पाकिस्तान 2007 के वर्ल्ड कप में आपस में नहीं भिड़ सके थे। दोनों ही टीमें इसके पहले ही दौर से बाहर हो गई थीं। लेकिन एक बार फिर 2011 में दोनों टीमें आमने-सामने थीं।
 
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 9 विकेट पर 260 रन बनाए। सहवाग ने 38 और धोनी ने 36 रन बनाए। सचिन तेंदुलकर (85) एक बार फिर वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के संकटमोचक बनकर उभरे। उन्होंने 85 रनों की पारी खेली जिसकी बदौलत ही चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा हो सका।
 
हालांकि मैच जीतने के लिए इतने रन पर्याप्त नहीं थे लेकिन भारत के सभी पांच गेंदबाजों (जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह) ने सधी हुई गेंदबाज़ी करते हुए दो-दो विकेट लिए और पाकिस्तान की टीम मिस्बाह उल हक (56) की संघर्षपूर्ण पारी के बावजूद 231 रनों पर ढेर हो गई।
 
इसके साथ ही भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप में जीत का रिकॉर्ड बरकरार रखा और आगे के मुक़ाबलों को जीतते हुए 28 साल बाद वर्ल्ड कप का ख़िताब अपने नाम किया।
 
भारत-पाक का छठा वर्ल्ड कप मुकाबला
कबः 2015 आईसीसी वर्ल्ड कप
तारीखः 15-02-2015
कहां: एडिलेड ओवल, ऑस्ट्रेलिया
नतीजाः 76 रन से जीता भारत
मैन ऑफ द मैचः विराट कोहली
 
एडिलेड ओवल के मैदान पर वर्ल्ड कप 2015 के अपने पहले ही मुकाबले में दोनों टीमें छठी बार आमने-सामने थीं। अब तक के विश्व कप मुक़ाबलों में पाकिस्तान पर भारत की जीत कोई नई बात नहीं रह गई थी। भारत ने इस मुकाबले को 76 रनों से जीता। इसके साथ ही वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत का रिकॉर्ड 6-0 हो गया। इतना ही नहीं, रनों के अंतर के लिहाज से यह वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर भारत की सबसे बड़ी जीत भी है।
 
इस मैच में कप्तान धोनी ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला किया। विराट कोहली के 107, सुरेश रैना के 74 और शिखर धवन के 73 रनों की बदौलत एक वक्त भारतीय टीम ने तीन विकेट पर 284 रन बनाकर बेहद मजबूत दिख रही थी लेकिन इसके बाद अगले 12 रनों तक चार विकेट गिर गए। हालांकि भारत पहली बार वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ 300 रन बनाने में कामयाब रहा।
 
इसके बाद जब पाकिस्तान बल्लेबाजी करने उतरा तो मोहम्मद शमी और मोहित शर्मा ने बेहद सधी हुई गेंदबाज़ी की। पाकिस्तान के विकेट लगातार अंतराल पर गिरते रहे और पूरी टीम 224 पर ढेर हो गई। इसके साथ ही भारत को वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर (रनों के लिहाज से) सबसे बड़ी जीत मिली।
 
अब दोनों टीमों के बीच वर्ल्ड कप में सातवीं भिड़ंत होने जा रही है। कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच में रोमांच पहली गेंद से ही शुरू हो जाता है। तो तैयार हो जाइये भारत-पाकिस्तान के एक और बेहद हाई वोल्टेज मुकाबले के लिए।

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