वर्ल्ड कप IND vs SA: पहले मैच में विराट कोहली सेना के लिए आसान नहीं है यह ग्राउंड

पुनः संशोधित बुधवार, 5 जून 2019 (10:34 IST)
सिवाकुमार उलागनाथन, बीबीसी संवाददाता, लंदन से
 
बुधवार को इंग्लैंड के साउथेम्प्टन में दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत विश्व कप का पहला मैच खेलेगा। दोनों ही टीमें इंग्लैंड पहुंच चुकी हैं और ज़ोरदार अभ्यास भी जारी है। लंदन से 120 किलोमीटर की दूरी पर बसा सा साउथेम्प्टन कई मायने में बेहद नायाब शहर है।
 
स्थानीय लोगों का मानना है कि दक्षिण पूर्वी इंग्लैंड का सबसे बड़ा शहर साउथएम्टन का विकास काफी देरी से हुआ, वहीं उत्तरी इंग्लैंड औद्योगीकरण और रोज़गार के लिहाज से काफी बेहतर रहा है। दक्षिणी इंग्लैंड को अब लंबे इंतजार के बाद विकास मिल रहा है और साउथेम्प्टन को इसका लाभ मिला।
 
एंड्रयू साउथेम्टन के एक रेस्टोरेंट में काम किया करते थे। वो कहते हैं, 'ये शहर लंदन से बिल्कुल अलग है। यहां जिंदगी साधारण और खुशियों भरी है। मैं यहां छह साल पहले लंदन से आया था। मैं यहां शांति महसूस करता हूं। अगर आप बहुत पार्टी करते हैं तो ये जगह आपके लिए नहीं है।'
 
एंड्रयू सही कहते हैं, यहां ज्यादा रेस्त्रां या पब नहीं हैं जो रात 10 बजे के बाद खुलते हों। सड़के तो शाम में ही खाली हो जाती हैं, बस सिटी सेंट्रल के पास कुछ भीड़ रहती है। गर्मियों में भी सड़कों पर एकाध लोग ही नजर आते हैं, इसे देख के अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सर्दी के दिनों क्या नजारा होता होगा।
 
इस मैदान में दक्षिण अफ्रीका का रिकॉर्ड भारत से बेहतर
हैम्पशर के रोज बॉल क्रिकेट मैदान में ही भारत और दक्षिण अफ़्रीका का मैच खेला जाना है। मुझे जिस ड्राइवर ने छोड़ा उसने बताया कि इस ग्राउंड को छोड़कर लोग इतने दूर नहीं आते। ये पहाड़ी इलाका था और लोग यहां नहीं रहा करते थे। अब चीजे बदल गई हैं, लेकिन फिर भी आपको मुझे 9 बजे से पहले बुलाना होगा।
 
इस स्टेडियम के आसपास का इलाका इतना शांत है कि लगता ही नहीं यहां इतना बड़ा मैच होने वाला है। ना कोई शोर- ना कोई आहट महसूस होती है। स्टेडियम के पास कुछ बैनर लगे हैं जो यहां होने वाली मैच की तस्दीक करते हैं।
 
इस स्टेडियम का एक इतिहास भी है
साल 2003 में इस रोज बॉल में पहला इंटरनेशनल मैच दक्षिण अफ्रीका और जिम्बॉम्वे के बीच खेला गया था। अब तक यहां 23 मैच खेले जा चुके हैं। जिन टीमों ने पहले बैंटिंग को चुना वो 12 मैच जीते गए और 10 ऐसे मैच रहे जहां गेंदबाजी चुनकर टीम विजेता बनी।
 
जानकार मानते हैं कि जो भी टीम टॉस जीतेगी वो पहले बल्लेबाजी का फैसला करेगी। भारत अपना पहला मैच दक्षिण अफ्रीका का साथ खेल रहा है और वो चाहेगा कि वो विश्व कप का आगाज जीत के साथ करे। लेकिन इतिहास कुछ और कहता है। साल 2015 के विश्व कप टूर्नामेंट को छोड़ दें तो भारत कभी विश्व कप में बेहतरीन शुरुआत नहीं कर पाया है।
 
यहां तक कि साल 2011 में विश्व कप जीतने वाला भारत अपनी शुरुआत बेहतर नहीं कर सका था। साल 2003 के विश्व कप में भारत फाइनल में पहुंचा था लेकिन इस टूर्नामेंट में शुरुआत बेहतर नहीं थी। ज्यादातर शुरुआती मैचों में जीत के लिए भारत संघर्ष करता पाया जाता है।
 
भले ही दक्षिण अफ्रीका विश्व कप के अपने दो मैच हार चुका हो लेकिन हैम्पशर में उसका रिकॉर्ड भारत से बेहतर है। इस मैदान में दक्षिण अफ़्रीका और भारत ने तीन-तीन मैच खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका ने तीन में से दो मैच जीते हैं।
 
एक मैच वह इंग्लैंड से दो रनों से हारा था। भारत की बात करें तो कुल तीन में दो मैच हार चुका है। दो मैच भारत ने इंग्लैंड से अच्छे अंतर से हारा है और एक मैच कीनिया से जीत सका है।
 
' मेरा जीवन और कमाई क्रिकेट को समर्पित'
तमिलनाडु से यूके पहुंचे बालाजी कहते हैं, ''ये आंकड़े फेल होने वाले हैं, भारत ये मैच जीतेगा और हिटमैन (रोहित शर्मा) मैन ऑफ़ मैच होंगे। रोहित शर्मा इस बार बेहद दमदार फ़ॉर्म में होंगे। भारत इस बार फाइनल में पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में कई भारतीय फ़ैंस यहां के स्टेडियम में दिखाई देंगे।''
 
बालाजी आगे कहते हैं मैंने एक साल तक इस टूर्नामेंट के लिए पैसे बचाए हैं और आज मैं यहां हूं। बालाजी अकेले नहीं हैं, दिल्ली के सुनील कालरा भी यहां टीम इंडिया की हौसला अफजाई करने पहुंचे हैं।
 
सुनील कहते हैं, 'ये हमारे लिए पहली बार नहीं है, मैं पिछले 20 सालों से हर विश्व कप देखने जाता हूं। भारत को खेलते देखना और उसके लिए चियर करना एक फैन को इससे ज़्यादा और क्या चाहिए।'
 
'मैं अपनी टीम की हौसला अफ़जाई के लिए धरती के किसी भी कोने में जा सकता हूं, पूरी ज़िंदगी और मेरी कमाई क्रिकेट के नाम कर दी है। मैं घंटो, दिन भर तक क्रिकेट की बातें कर सकता हूं। अगले दिन मैं फिर ताजे मन के साथ क्रिकेट पर बात कर सकता हूं, मैं इससे ऊब नहीं सकता।'
 
लेकिन हर कोई सुनील कालरा की तरह खुश किस्मत नहीं है। केरल के जिथिन साउथेम्टन के पास एक अस्पताल में काम करते हैं, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वो मैच के टिकट खरीद सकें।
 
वो कहते हैं, 'हर दिन मैं अस्पताल आता हूं, उस होटल में जाता हूं, जहां खिलाड़ी रुके हुए हैं। विराट कोहली की एक झलक देख लूं बस यही चाहत है, लेकिन यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं लेकिन मुझे उम्मीद है कि मैं टीम के ओवल रवाना होने से पहले उन्हें देख लूंगा।'

और भी पढ़ें :