sundarkand

महिलाओं के लिए अमृत है अशोक का पेड़, जानें 5 फायदे

Updated: शुक्रवार, 9 अगस्त 2019 (12:42 IST)
आयुर्वेद में हेमपुष्प या ताम्र पल्लव कहा जाने वाला अशोक का पेड़, सेहत की समस्याओं का समाधान करने में मददगार है। इसके पत्ते, छाल, फूल, बीज और यहां तक कि जड़ें भी दवा के रूप में प्रयोग की जाती हैं। जानिए इसके यह 5 फायदे - 
 
1 महिलाओं के कुछ रोगों में यह विशेष रूप से लाभकारी है। माहवारी के समय होने वाला कष्ट हो या श्वेत प्रदर की समस्या, दोनों में ही यह लाभकारी है। इसकी छाल को पीसकर, बराबर मात्रा में मिश्री के साथ दिन में 3 बार लें।

यह भी पढ़ें : 10 समस्याओं की कारगर दवा, गुड़ और जीरे का पानी
 
2 अशोक की छाल को पानी में उबालकर गाढ़ा काढ़ा तैयार इसे सरसों के तेल के साथ मिलाकर फोड़े-फुंसियों पर लगाने से काफी फायदा होता है और त्वचा साफ होती है।

यह भी पढ़ें : दूध पीने से पहले मिलाएं शहद, पाएं 5 गजब के फायदे



पथरी यानि स्टोन की समस्या होने पर अशोक के बीज लाभकारी हैं। अशोक के बीजों की 2 ग्राम मात्रा लेकर पानी के साथ पीस लें और दो चम्मच रोजाना पिएं। इससे पथरी के दर्द से राहत मिलेगी।
 
यह भी पढ़ें : ड्रायफ्रूट खाने के यह 5 नुकसान, आपको पता होना चाहिए
 
4 पेशाब संबंधी समस्याओं में भी अशोक के बीजों को पानी में पीसकर नियमित 2 चम्मच पीने से पेशाब में रूकावट एवं अन्य समस्याओं में लाभ होता है।

यह भी पढ़ें :  लिवर को खराब कर देंगी यह 5 आदतें
 
5 दो से तीन ग्राम की मात्रा में अशोक के फूल लेकर इन्हें दही में मिलाकर खाने से गर्भधारक करने में आ रही समस्याएं समाप्त हो जाती हैं और आसानी से गर्भधारण हो सकता है।  
 
उपर्युक्त जानकारी संकलित है, अत: इन उपायों को करने से पूर्व आयुर्वे‍दिक चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

ब्रिक्स से दूरी बांग्लादेश को पड़ेगी भारी, तारिक रहमान के सम्मेलन में शामिल होने पर संशय

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी