Author %e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be %e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%87 19.html

Tue, 20 Oct 2026

Notifications

सीमा पांडे मिश्रा
Seema Panday Mishra
  • लघु कहानी : वर्तमान का कूड़ा

    पार्क में हरी मखमली घास पर सुकून से बैठना कितना अच्छा लगता है। दूर से अपने परिवार को अठखेलियां करता, खुश देखना बहुत ...
  • हिन्दी कविता : पिता बहुत जिद्दी थे...

    पिता बहुत जिद्दी थे जिद थी बुराई में अच्छाई देखते जाने की दूसरों की गलतियों को अनदेखा करते रहने की मान-अपमान भूल ...
  • हिन्दी कविता : अंतर्नाद

    पीड़ाओं से सदा घिरे जो, उनका अंतर्नाद तुम कैसे कह दोगे इसको पल भर का उन्माद
  • होली पर कविता : किंतु हमें अवकाश कहां

    आई फागुन की बयार है, किंतु हमें अवकाश कहां छाई वासंती बहार है, किंतु हमें अवकाश कहां
  • हिन्दी कविता : झुग्गियां

    आसमान से बहुत नीचे, जमीं पर शहर के बीच में, नाले के मुहाने पर छोटी-बड़ी, आड़ी-तिरछी, कहीं भी बेतरतीब खेत-खलिहान ...
  • लंदन का टॉवर ब्रिज

    लंदन का टॉवर ब्रिज जिसे लोग गलत से लंदन ब्रिज भी कहते हैं यह थेम्स नदी पर लंदन, इंग्लैंड में है। असल में लंदन टॉवर के ...
  • सच-झूठ का अंतर

    एक बार भरा हुआ था अकबर का दरबार, बीरबल भी थे अन्य दरबारियों के साथ। अकबर ने पूछा एक सवाल, जिससे दरबारियों का हो गया ...
  • लड्डू और शहंशाह

    एक बार हो रहा था शहंशाह अकबर के यहाँ शाही भोज, सभी दरबारी कर रहे थे मौज। व्यंजन भी थे खूब स्वादिष्ट, एक भी व्यंजन छोड़ने ...
  • हल की ओर सर क्रीक विवाद

    भारत-पाक के बीच समग्र वार्ता के दौर जारी हैं। अभी चर्चा का विषय है सर क्रीक विवाद, जिसे हल करना ही है।
  • चौथ का चाँद

    अकबर-बीरबल निकले यात्रा पर ईरान, रुके वह वहाँ के नवाब के बनकर मेहमान। दो दिन रूके वह दोनों, खूब हुई खातिरदारी, फिर आई ...
  • हिंदी भाषा आलोचना के प्रति असहिष्णु है

    हिंदी आलोचना के प्रति असहिष्णु भाषा है और आमतौर पर हिंदी का लेखक आलोचना के प्रति सहिष्णु नहीं है इसलिए इसलिए साहसपूर्ण ...
  • बधाई हो बरखा!

    हँसता चेहरा आत्मविश्वास से भरपूर बोलती आँखें..बरखा दत्त किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। हाल ही में इस वीरांगना को ...
  • मीठा उपहार

    शहंशाह अकबर ने एक बार सभी दरबारियों को भोज दिया, बीरबल पर उनका प्यार कुछ ज्यादा, उन्होंने विशेष आग्रह करके उन्हें ...
  • सुबन्ना : रंगकर्म प्रयोगधर्मिता का युगांत

    केवी सुबन्ना यानी कुंटागोडू विभूति सुबन्ना के निधन से भारत ने एक सांस्कृतिक नायक खो दिया। जाने-माने नाटककार और 'निनासम ...
  • जस्सी का रूप

    एक असीम ताजगी का अहसास होता है। जरूरी नहीं है कि आप दूसरों के लिए असुविधाजनक फैशन अपनाएँ लेकिन अपने मन की खुशी के लिए, ...
  • काम की खुशी

    तुम्हारी छुट्टियाँ कैसी बीत रही हैं? कोई ढंग का काम सूझा कि नहीं? या यूँ ही समय बिताते जा रहे हो? तुम भी कहोगे कि दीदी ...
  • लिस्ट

    लड़के वालों के जाते ही उन्होंने पति से अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी - ' क्या जमाना आ गया है! कैसे लालची लोग, बाप रे बाप!
  • 'ईमान'

    उस दिन बैंक में बहुत भीड़ थी। अचानक शोर सा उठा, शायद किसी व्यक्ति की कोई चीज गुम हो गई थी। पल में ही भीड़ ने उसे घेर
  • 'सम्मान'

    उस दिन सिटी बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी। सड़कें भी लगभग सूनी सी थीं। धार्मिक विवाद को लेकर हुई हिंसा की घटनाओं से व्याप्त ...
  • सिपाही की चतुराई

    एक था सिपाही जो भूल गया था रास्ता, भूख से उसका बुरा हाल था। जंगल में दिखी उसे एक झोंपड़ी, उसने दरवाजे पर जाकर खटखटाई ...

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें काम

वक्री शनि के चलते 4 राशियों को मिलेगा 11 दिसंबर तक फायदा, जल्दी से निपटा लें कामज्योतिष की दुनिया में 'कर्मफल दाता' और 'न्यायप्रिया' शनिदेव का हर कदम मानव जीवन की दिशा बदल देता है। फिलहाल शनिदेव देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में विराजमान हैं, जहाँ वे 3 जून 2027 तक रहेंगे। लेकिन इसी बीच, ग्रहों के मंत्रिमंडल में एक बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। 27 जुलाई 2026 से 11 दिसंबर 2026 तक शनिदेव अपनी चाल बदलकर 'वक्री' यानी उल्टी दिशा में चलेंगे। वैसे तो शनि की टेढ़ी नज़र से लोग घबराते हैं, लेकिन इस बार की यह वक्री चाल सभी के लिए नुकसानदेह नहीं है। खास तौर पर चार भाग्यशाली राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम साबित नहीं होंगे। आइए जानते हैं कि 11 दिसंबर तक किन राशियों के अधूरे काम तेज़ी से पूरे होने वाले हैं: