देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन से भगवान श्री हरि विष्णु अगले चार महीनों के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस पर यह तिथि 25 जुलाई 2026 को है। इस वर्ष देवशयनी एकादशी पर अमृतसिद्धि योग, शिववास योग, ब्रह्म योग, इंद्र योग, सूर्य और उच्च के गुरु का पुष्य नक्षत्र संयोग आदि कई दुर्लभ और शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जो इस दिन किए जाने वाले पूजा-पाठ और उपायों के फल को कई गुना बढ़ा देंगे। यदि आप भी अपने जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और कर्ज से मुक्ति चाहते हैं, तो इस शुभ संयोग में ये 5 विशेष उपाय जरूर करें।
1. केसर मिश्रित दूध से नारायण का अभिषेक
देवशयनी एकादशी के शुभ संयोग में भगवान विष्णु का दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध या गंगाजल भरकर अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें पीले रंग के वस्त्र, पीले फूल और पीले फल अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और साधक की आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
2. तुलसी पूजा और दीपदान
तुलसी जी को भगवान विष्णु की परम प्रिय माना गया है। एकादशी की शाम को तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करते हुए तुलसी जी की 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ध्यान रहे कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़े जाते और न ही उनमें जल चढ़ाया जाता है, इसलिए केवल दीपदान और परिक्रमा ही करें।
3. विष्णु सहस्रनाम या स्तोत्र का पाठ
चूंकि भगवान विष्णु इसके बाद चार महीनों के लिए निद्रा में चले जाएंगे, इसलिए उन्हें प्रसन्न करने के लिए देवशयनी एकादशी पर 'विष्णु सहस्रनाम' या 'नारायण कवच' का पाठ अवश्य करें। यदि पाठ करना संभव न हो, तो इसे शांत मन से श्रवण करें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सुख-शांति का वास होता है।
4. पीले अनाज और वस्त्रों का दान
शुभ योगों के इस महासंयोग में दान करने का महत्व बहुत बढ़ जाता है। इस दिन किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को पीले रंग की वस्तुएं जैसे- चना दाल, केला, सोना, हल्दी, या पीले वस्त्र दान करें। इस दान से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे करियर और व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
5. पीपल के वृक्ष पर अर्घ्य और प्रार्थना
शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। एकादशी के दिन सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और शाम को वहां एक दीपक जलाकर अपनी मनोकामना कहें। यह उपाय कर्ज से मुक्ति दिलाने और अटके हुए धन को वापस पाने के लिए बेहद अचूक माना जाता है।

