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शरद पूर्णिमा के दिन क्यों खाते हैं खीर, जानिए 5 कारण

सोमवार,अक्टूबर 26, 2020
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विजयादशमी का पर्व 25 अक्टूबर 2020 को मनाया गया लेकिन कुछ लोग मत मतांतर होने से 26 अक्टूबर 2020 को मनाने जा रहे हैं पर्व, प्रस्तुत है उनके लिए शुभ मुहूर्त...
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दूध में केसर घुली चांदनी जब बरसेगी हमारे आंगन में तब शरद की पूनम का दिन होगा...इस बार शरद पूर्णिमा 30 अक्टूबर को है। शरद पूर्णिमा से ही शरद ऋतु का आगमन होता है।
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लंकाधिपति रावण शरद पूर्णिमा की रात चंद्र किरणों को दर्पण के माध्यम से अपनी नाभि पर ग्रहण करता था। इस प्रक्रिया से उसे पुनर्योवन शक्ति प्राप्त होती थी।
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इस बार दशहरे पर अपनी राशि के अनुसार बोले श्रीराम का यह नाम, करें कुछ खास उपाय... आइए जानें 12 राशियों के अनुसार इस दशहरे पर कैसे करें पूजन...
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विजयादशमी यानि दशहरे का पर्व देशभर में भाईचारे के साथ मनाया जाता है। इस दिन कुछ परंपराएं भी निभाई जाती है, जिनमें से एक है हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाना और उस पान को खाना...। खास तौर से तब, जब ये त्योहार मंगलवार या रविवार के दिन आता है।
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विजयादशमी के दिन देश के कुछ हिस्सों में अश्वपूजन भी किया जाता है। सनातन धर्मानुसार विजयादशमी के दिन प्रदोषकाल में शमी वृक्ष का पूजन अवश्य किया जाना चाहिए। आइए जानते हैं कि शमी वृक्ष का पूजन किस प्रकार किया जाना श्रेयस्कर रहता है-
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चन्द्रमा माता का सूचक और मन का कारक है। कुंडली में चन्द्र के अशुभ होने पर मन और माता पर प्रभाव पड़ता है। लाल किताब के अनुसार कुंडली में चन्द्र के दोषपूर्ण या खराब होने की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया गया है। यहां जानिए शरद पूर्णिमा पर ...
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अपराजिता पूजा को विजयादशमी का महत्वपूर्ण भाग माना जाता है। यह पूजा अपराह्न काल में की जाती है।
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शस्त्र पूजन की परंपरा आदिकाल से चली आ रही है। प्राचीन समय में राजा-महाराजा विशाल शस्त्र पूजन करते रहे हैं। आज भी इ‍स दिन क्षत्रिय शस्त्र पूजा करते हैं। सेना में भी इस दिन शस्त्र पूजन किया जाता है।
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प्राचीनकाल में रथ-पूजन, अश्व-पूजन, शस्त्र-पूजन कर इस परंपरा निर्वाह किया जाता था, वर्तमान में इस परंपरा का स्वरूप परिवर्तित होकर वाहन-पूजन के रूप में हमें दिखाई देता है, इसमें कोई बुराई नहीं किंतु हमें अपनी मूल परंपराओं का ज्ञान अवश्य होना चाहिए।
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इस उपाय को करने के पश्चात् आपको अपने जीवन में इसके लाभ मिलने आरंभ हो जाएंगे। अगले दशहरे पर इस पत्ते को किसी बहते जल में प्रवाहित कर पुन: इसी विधि से नवीन पत्ता अपने घर लें आएं। कुछ वर्षों पश्चात् आप पाएंगे कि आपके जीवन से परेशानियां शनै: शनै: विदा ...
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दशहरा या विजयादशमी सर्वसिद्धिदायक तिथि मानी जाती है। इसलिए इस दिन सभी शुभ कार्य फलकारी माने जाते हैं।
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इस वर्ष दशहरा का त्योहार 25 अक्टूबर 2020 को मनाया जाएगा और मतांतर से 26 को भी मनाया जा रहा है।
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दशहरे के दिन पर शाम के समय को खास तौर पर शुभ माना जाता है। इसे विजय काल के नाम से जाना जाता है। दशहरा रावण दहन के शुभ मुहूर्त
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नवमी तिथि पर साधारणतया माता दुर्गा का पूजन, अर्चन, हवन किया जाता है। लेकिन इस‍ तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता सिद्धिदात्री हैं। सभी सिद्धियों को देने वाली माता कृपालु, दयालु तथा भक्त वत्सल हैं।
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विजयादशमी के दिन नारियल के निम्न उपाय करने से जहां घर की नकारात्मकता दूर होती है, वहीं ये उपाय आपको करोड़पति भी बना सकते हैं। यहां आपके लिए प्रस्तुत है नारियल के 12 चमत्कारिक उपाय-
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दुर्गा दुखों का नाश करने वाली देवी है। इसलिए नवरात्रि में जब उनकी पूजा आस्था, श्रद्धा से की जाती है तो उनकी नवों शक्तियां जागृत होकर नौ ग्रहों को नियंत्रित कर देती हैं। फलस्वरूप प्राणियों का कोई अनिष्ट नहीं हो पाता।
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नवरात्रि में वैसे तो नौ दिन ही हवन किया जाता है परंतु सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन कई घरों में हवन करके ही व्रत का पारण किया जाता है। इसलिए यहां प्रस्तुत है महाष्टमी के दिन किए जाने वाले हवन का शुभ मुहूर्त।
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दुर्गा का अष्टम रूप महागौरी है। जिसे प्रत्येक व्यक्ति औषधि के रूप में जानता है, क्योंकि इसका औषधि नाम तुलसी है जो प्रत्येक घर में लगाई जाती है।
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