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  4. Do these 5 special remedies on Kalashtami, miracles will happen in your life
Written By WD News Desk
Last Updated : शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 (11:40 IST)

कालाष्टमी पर करें ये 5 खास उपाय, जीवन में होगा चमत्कार

कालाष्टमी पर भगवान भैरव की पूजा
Kalashtami 2026: भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव को समर्पित कालाष्टमी का पर्व हर माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में काल भैरव को 'कलियुग का जागृत देवता' और 'काशी का कोतवाल' कहा गया है।ALSO READ: कालाष्टमी के दिन करें इस तरीके भगवान भैरव की पूजा और 5 अचूक उपाय
 
मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन किए गए उपाय न केवल शत्रुओं का नाश करते हैं, बल्कि राहु-केतु के दोष और जीवन के सबसे कठिन संकटों को भी चमत्कारिक रूप से दूर कर देते हैं। 
 
1. काले कुत्ते को खिलाएं भोजन
2. सरसों के तेल का चौमुखी दीपक
3. 'भैरव अष्टक' का पाठ
4. कालाष्टमी पर विशेष मंत्र जप
5. कालाष्टमी पर सावधानियां
 

यहां कालाष्टमी पर किए जाने वाले प्रमुख उपाय दिए गए हैं:

 

1. काले कुत्ते को खिलाएं भोजन

सबसे प्रभावी उपाय: काल भैरव का वाहन काला कुत्ता है। कालाष्टमी के दिन काले कुत्ते की सेवा करना सबसे बड़ा उपाय माना जाता है।
 
क्या करें: इस दिन शाम के समय किसी काले कुत्ते को मीठी रोटी, गुड़ वाली रोटी या फिर बिस्कुट खिलाएं।
 
फायदा: इससे राहु-केतु का नकारात्मक प्रभाव समाप्त होता है और आकस्मिक दुर्घटनाओं से रक्षा होती है। यदि काला कुत्ता न मिले, तो किसी भी कुत्ते को भोजन करा सकते हैं।
 

2. सरसों के तेल का चौमुखी दीपक

भैरव जी की पूजा में तेल के दीपक का विशेष महत्व है।
 
क्या करें: कालाष्टमी की रात को किसी भैरव मंदिर में जाकर या घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखी यानी चार मुख वाला दीपक जलाएं।
 
लाभ: इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा और 'नजर दोष' का नाश होता है। रुके हुए काम गति पकड़ने लगते हैं।
 

3. 'भैरव अष्टक' का पाठ

यदि आप शत्रुओं से परेशान हैं या कानूनी मामलों में फंसे हैं, तो यह उपाय करें।
 
क्या करें: भैरव जी की प्रतिमा के सामने वहीं बैठकर 'कालभैरव अष्टक' का पाठ करें।
 
लाभ: इससे आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
 

4. कालाष्टमी पर विशेष मंत्र जप

कितनी बार जपें:पूजा के दौरान इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना अत्यंत फलदायी होता है:
 
मंत्र: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ नमः शिवाय'।
 

5. कालाष्टमी पर सावधानियां

* भैरव जी की पूजा सात्विक भाव से करें।
 
* इस दिन मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी न करें।
 
* किसी का बुरा करने की नीयत से ये उपाय न करें, अन्यथा परिणाम विपरीत हो सकते हैं।
 
* कालाष्टमी के दिन असहाय या गरीब व्यक्ति का अपमान न करें।
 
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