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Written By WD Feature Desk
Last Updated : मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 (11:13 IST)

Abujh Muhurat: क्या होता है अबूझ मुहूर्त, क्या करें इस दिन

अबूझ मुहूर्त से संबंधित फोटो
Bina Muhurat ke kary : ज्योतिष शास्त्र और हिंदू पंचांग में 'अबूझ मुहूर्त' का अर्थ होता है—एक ऐसा अत्यंत शुभ और पवित्र समय, जिसमें किसी भी मांगलिक कार्य को करने के लिए किसी ज्योतिषी से सलाह लेने या पंचांग देखने की आवश्यकता नहीं होती। सरल शब्दों में कहें तो, यह 'स्वयंसिद्ध मुहूर्त' है जो पूरे दिन के लिए मान्य होता है।ALSO READ: Akshaya tritiya 2026: अक्षय तृतीया कब है?
 

यहां वेबदुनिया के प्रिय पाठकों के लिए अबूझ मुहूर्त के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है:

 
  • अबूझ मुहूर्त क्या होता है?
  • प्रमुख अबूझ मुहूर्त
  • अबूझ मुहूर्त में क्या करें? 
 

अबूझ मुहूर्त क्या होता है?

सामान्यतः किसी भी शुभ कार्य- जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश के लिए ग्रहों और नक्षत्रों की गणना करके मुहूर्त निकाला जाता है। लेकिन साल में कुछ दिन ऐसे होते हैं जब सूर्य और चंद्रमा की स्थिति इतनी सकारात्मक होती है कि पूरा दिन ही दोषरहित हो जाता है। इसे 'अनपूछा मुहूर्त' भी कहा जाता है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में ग्रह दोष हों या विवाह के लिए गुण मिलान में दिक्कत आ रही हो, तो भी अबूझ मुहूर्त में कार्य करना शुभ फलदायी माना जाता है।
 

प्रमुख अबूझ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार साल में मुख्य रूप से ये साढ़े तीन दिन अबूझ मुहूर्त या स्वयंसिद्ध मुहूर्त माने जाते हैं:

 
1. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा/ गुड़ी पड़वा
2. वैशाख शुक्ल तृतीया/ अक्षय तृतीया
3. आश्विन शुक्ल दशमी/ विजय दशमी
4. दीपावली के प्रदोष काल का 1/2 (आधा) भाग।
 

अबूझ मुहूर्त में क्या करें? 

इस पावन दिन पर आप निम्नलिखित मांगलिक और शुभ कार्य बिना किसी संकोच के कर सकते हैं:
 
1. विवाह संस्कार: सबसे अधिक शादियां इन्हीं दिनों में होती हैं, खासकर उन जोड़ों की जिनकी कुंडली का मिलान सामान्य दिनों में कठिन होता है।
 
2. गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश करने या नींव रखने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय है।
 
3. व्यापार की शुरुआत: नया ऑफिस खोलना, दुकान का उद्घाटन करना या नया निवेश करना।
 
4. खरीददारी: सोना-चांदी, वाहन, जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराना।
 
5. मुंडन और नामकरण: बच्चों के संस्कार करने के लिए यह पवित्र दिन है।
 
6. दान-पुण्य: इस दिन किया गया दान अक्षय यानी कभी न खत्म होने वाला पुण्य प्रदान करता है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026 कब है- 19 या 20 अप्रैल? तिथि को लेकर कंफ्यूजन का जानिए सही जवाब