क़दमों की आहट Written By: WD Updated: Mon, 2 Sep 2013 (17:44 IST) google-news FILE बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं,तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैंतुझे घाटा न होने देंगे कारोबार-ए-उल्फ़त में,हम अपने सर तेरा ऐ दोस्त हर इल्ज़ाम लेते हैं।-फ़िराक़ गोरखपुरी हमारे साथ WhatsApp पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें हमारे साथ Telegram पर जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें