विटामिन सी में हैं बुढ़ापा रोकने वाले तत्व

इलाहाबाद (भाषा)| भाषा|
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला पोषक तत्व विटामिन सी मानव शरीर के वृद्ध होने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

अमेरिकी पत्रिका रेजुवेनेशन रिसर्च के हाल के संस्करण में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार रक्त प्लाज्मा के अंदर एब्जार्बिक अम्ल (विटामिन सी का रासायनिक नाम) स्तर को कायम रखने पर केंद्रित मानव शरीर के रक्षात्मक तंत्र का उल्लेख किया गया है।

रक्त प्लाज्मा में मौजूद एब्जार्बिक अम्ल का स्तर व्यक्ति के उम्रदराज होने के साथ साथ कम होता रहता है।
अग्रणी अनुसंधानकर्ता प्रोफेसर सैयद इब्राहिम रिजवी ने बताया कि पिछले 50 सालों में हुए अध्ययनों में बुढ़ापे की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण कारणों में से एक ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को पहचाना गया है जो फ्री रेडिकल्स के नाम से जाने जाने वाले अणुओं से होने वाली रोग प्रतिरोधक क्षमता में ह्मस, वृद्धि की एक अवस्था है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जैव रसायन विज्ञान के प्रोफेसर रिजवी ने बताया कि फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मानव शरीर में बहुत से एंटी ऑक्सीडेंट रक्षा तंत्र होते हैं।
रिजवी ने कहा यही कारण है कि वैज्ञानिक नोबेल पुरस्कार विजेता और 20वीं सदी के अत्यधिक प्रभावशाली रसायन शास्त्रियों में से एक प्रोफेसर लिनस पॉलिंग को पसंद करते हैं जिन्होंने इस बात की वकालत की थी कि आम जुकाम को रोकने के लिए और समूची रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए भोजन में विटामिन सी की बड़ी खुराकें ली जानी चाहिए।

उनके अध्ययन पर काम करने के लिए रिजवी ने 61 स्वस्थ लोगों के रक्त नमूने लिए जिनकी उम्र 22 से 79 साल के बीच थी। उन्होंने एएफआर और पीएमआरएस एंजायमों का अध्ययन किया जो कोशिका के भीतर से कोशिका के बाहर इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण के लिए जिम्मेदार होते हैं तथा जिससे रक्त में एब्जार्बिक अम्ल के स्तर को कायम रखने में मदद मिलती है।
रिजवी ने कहा कि यह अध्ययन उन दवाओं के विकास में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है जो मानव शरीर के बूढ़ा होने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं और व्यक्ति की दीर्घायु में मददगार साबित हो सकती हैं।

उन्होंने कहा मनुष्य के लिए हालाँकि रोजाना 100 ग्राम विटामिन की जरूरत होती है लेकिन यह चिकित्सीय प्रभाव लाने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने यह भी कहा जब तक दो एंजायमों को बढ़ाने वाली दवा उपलब्ध नहीं होती तब तक मानव भोजन में विटामिन सी की प्रचुर मात्रा के साथ बुढ़ापे की प्रक्रिया के खिलाफ संघर्ष कर सकता है जिसकी हरी मिर्च, नींबू, संतरा और अमरूद में पर्याप्त मौजूदगी होती है।

 

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