आर्कियोलॉजी में कैरियर संभावनाएं

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अगर आप देश की धरोहर और इतिहास में रुचि रखते हैं तो के रूप में एक अच्छी करियर की शुरुआत कर सकते हैं। इसमें आपको नित नई चीजें जानने को तो मिलेगी है, सैलरी भी अच्छी खासी है


यदि आपमें ऐतिहासिक चीजों को जानने और उनके बारे में तरह-तरह की जानकारियां पता करने की इच्छा है तो अपनी इस इच्छा को करियर के रूप में भी तब्दील कर सकते हैं। आर्कियोलॉजी ऐसा ही एक क्षेत्र है जहां करियर की अच्छी संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

जरूरी योग्यता
एक बेहतरीन आर्कियोलॉजिस्ट अथवा म्यूजियम प्रोफेशनल बनने के लिए प्लीस्टोसीन पीरियड अथवा क्लासिकल लैंग्वेज, मसलन पाली, अपभ्रंश, संस्कृत, अरेबियन भाषाओं में से किसी की जानकारी आपको कामयाबी की राह पर आगे ले जा सकती है।

पर्सनल स्किल
आर्कियोलॉजी न केवल दिलचस्प विषय है बल्कि इसमें कार्य करने वाले प्रोफशनल्स के लिए चुनौतियों में भरा क्षेत्र भी है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए अच्छी विश्लेषणात्मक क्षमता, तार्किक सोच, कार्य के प्रति समर्पण जैसे महत्वपूर्ण गुण जरूर होने चाहिए। कला की समझ और उसकी पहचान भी आपको औरों से बेहतर बनाने में मदद करेगा।
संभावनाएं व वेतन
आर्कियोलॉजिस्ट की मांग सरकारी और निजी हर जगह है। इन दिनों कॉरपोरेट हाउसेज में भी नियुक्ति हो रही है। वे अपने रिकॉडर्स के रखरखाव के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति करते हैं। इसी तरह रिचर्स के लिए भी इसकी मांग रहती है। आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया में आर्कियोलॉजिस्ट पदों के लिए संघ लोक सेवा आयोग हर वर्ष परीक्षा आयोजित करता है।
राज्यों के आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट में भी असिस्टेंट आर्कियोलॉजिस्ट की मांग भी रहती है। वहीं नेट क्वालीफाई करके लेक्चरशिप भी कर सकते हैं। आर्कियोलॉजी फील्ड में किसी भी पद पर न्यूनतम सैलरी 25 हजार रुपए है। उसके बाद सैलरी का निर्धारण पद और अनुभव के आधार पर होता है।

कोर्सेस
आर्कियोलॉजी से जुड़े रेगुलर कोर्स जैसे पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल या पीएचडी देश के अलग-अलग संस्थानों में संचालित किए जा रहे हैं। हालांकि हेरिटेज मैनेजमेंट और आर्किटेक्चरल कंजरवेशन से जुड़े कोर्स केवल गिने-चुने संस्थानों में ही पढ़ाए जा रहे हैं। आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया की फंक्शनल बॉडी इंस्टीट्यूट ऑफ आर्कियोलॉजी में दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होती है।
अखिल भारतीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के आधार पर इस कोर्स में दाखिला लिया दिया जाता है। इसी तरह गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से एफिलेटेड इंस्टीट्यूट, दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ हेरिटेज रिसर्च एंड मैनेजमेंट, आर्कियोलॉजी और हेरिटेज मैनेजमेंट में दो वर्षीय मास्टर कोर्स का संचालन होता है।



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