क्यों हटाया गया दुर्रानी को?

संदीप तिवारी| Last Updated: बुधवार, 1 अक्टूबर 2014 (19:11 IST)
के एक प्रमुख दैनिक द डान में छपी खबर के मुताबिक बुधवार को प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने अपने राष्ट्रीय रिटायर्ड मेजर जनरल मेहमूद अली दुर्रानी को उनके पद से बर्खास्त कर‍ दिया। ऐसा करने का कारण बताते हुए गिलानी ने कहा कि मुंबई हमले के संदिग्ध अजमल कसाब से संबंध मामले पर बयान देकर जल्दबाजी करने के कारण दुर्रानी को हटाया गया है।

जबकि दुर्रानी का कहना है कि उन्होंने इस बाबत राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को पहले जानकारी दे दी थी। देर रात को किए गए इस फैसले से आशंका जाहिर की जा रही है कि सत्तारूढ़ पार्टी में दरार है और महत्वपूर्ण मामलों पर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की राय अलग-अलग भी हो सकती है।

कहा जाता है कि इस संबंध में सरकारी बयान जारी होने से पहले गिलानी ने दुर्रानी की बर्खास्तगी को सार्वजनिक कर दिया और कुछ पत्रकारों से कहा कि उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने उन्हें और देश को शर्मिंदा किया है और उन्हें जानकारी दिए‍ बिना ही अजमल कसाब की राष्ट्रीयता संबंधी बयान दे दिया। मैंने उन्हें तुरंत बर्खास्त कर दिया है।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए मेजर जनरल दुर्रानी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार करते रह गए। जबकि एक दूसरे चैनल पर जानकारी दी गई कि अजमल कसाब की नागरिकता संबंधी बयान पर पाकिस्तानी जाँचकर्ताओं के निष्कर्ष की सूचना राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को थी।

इस घटना के बाद यह बात सामने आई है कि निर्णय लेने संबंधी प्रक्रिया में विभिन्न मुद्दों पर जरदारी और गिलानी के बीच मतभेद हैं। इस बात से सरकार के भीतर भी तनाव की खबरें हैं। हालाँकि बाद में डान टीवी को राष्ट्रपति के प्रवक्ता फरहतुल्ला बाबर ने सफाई दी कि दोनों बड़े नेताओं के बीच कोई मतभेद नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि डान न्यूज टीवी ने सबसे पहले यह खबर दी थी कि अजमल कसाब को पाकिस्तान ने अपना नागरिक मान‍ लिया है। इसके एक घंटे से भी कम समय में भारतीय टीवी चैनलों पर दुर्रानी के हवाले से खबर दी गई कि पा‍क अधिकारियों ने मान लिया है कि कसाब पाकिस्तानी है।

इस तरह की खबर को दिखाए जाने के बाद पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर ने इस खबर का खंडन किया था और इसके बाद सूचना मंत्री शेरी रहमान ने भी कहा कि वास्तव में कसाब पाकिस्तानी है लेकिन उसके और उसके साथियों के बारे में जाँच जारी है।
इस संबंध में उल्लेखनीय है कि जिस बयान के कारण दुर्रानी को हटा दिया गया लेकिन उसी बयान पर शेरी रहमान के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? प्रधानमंत्री गिलानी ने भी दुर्रानी को हटाने की बात कही लेकिन यह नहीं कहा कि उन्होंने कोई गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है।

सरकारी सूत्रों का कहना है‍ कि अजमल कसाब मामले की जाँच कर रही जाँच एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली थी और उसे गृह मंत्रालय के जरिये गिलानी तक भेज दिया गया था लेकिन प्रधानमंत्री दुर्रानी की इस बात से नाराज हो गए कि इस पर औपचारिक फैसला लिए जाने और प्रधानमंत्री या सरकारी तंत्र द्वारा घोषित करने से पहले ही यह जानकारी उपलब्ध करा दी गई।



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