पुलिस-पैरा मिलिट्री फोर्स : कैसे करें तैयारी

अशोक सिंह

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देश के प्रत्येक राज्य में अलग-अलग पुलिस सेवा का प्रावधान है। इस तरह से देखा जाए तो समस्त राज्यों की पुलिस सेवा में कई लाख पुलिसकर्मी कार्य कर रहे हैं। अगर पैरा मिलिट्री फोर्सेस को लें तो देश में कई ऐसे संगठनों का नाम लिया जा सकता है। इनमें प्रमुख रूप से सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (लगभग 2 लाख कर्मी), रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (लगभग 45 हजार कर्मी), सशस्त्र सीमा बल (लगभग 35 हजार कर्मी), पीएसी (लगभग 3 लाख), सीमा सुरक्षा बल (2.25 लाख), सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (लगभग 1 लाख) आदि का विशेष रूप से उल्लेख किया जा सकता है

इसमें कोई शक नहीं कि इन संगठनों में न सिर्फ भारी संख्या में प्रति वर्ष नियुक्तियां होती रहती हैं बल्कि करियर और सुविधाओं की दृष्टि से भी इन्हें कम करके नहीं आंका जा सकता है। जहां एक ओर प्रादेशिक पुलिस का काम संबंधित राज्य में कानून और व्यवस्था को बनाए रखना है वहीं पैरा मिलिट्री फोर्सेस का काम देश के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा करना और आपात काल में स्थिति को संभालना होता है।
आइए बात करते हैं इन संगठनों में रोजगार के विभिन्न अवसरों और भर्ती के प्रक्रिया के बारे में।

पुलिस सेवा
राज्यों की पुलिस सेवा में महिलाओं और पुरुषों के लिए अवसर होते हैं। सब इंस्पेक्टर से ऊपर के पदों के लिए स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षा के आधार पर चयन किया जाता है। सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के पदों पर आवेदन सीधे ही मंगाए जाते हैं। इनके लिए कम से कम ग्रेजुएशन की डिग्री अवश्य होनी चाहिए। अंतिम चयन प्रतियोगी परीक्षा और फिजिकल टेस्ट के आधार पर होता है। इससे नीचे के पदों के लिए फिजिकल टेस्ट पर ज्यादा जोर दिया जाता है। इसमें टेक्नीकल और ड्राईवर आदि पदों की रिक्तियों की बात की जा सकती है। हालांकि ऑफिस स्टाफ के लिए क्लर्क पदों पर भी अलग से भर्तियां की जाती हैं।
पैरा मिलिट्री ोर्स
प्रायः इन फोर्सेस में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर अधिकारी वर्ग के पदों पर नियुक्तियां काफी कठोर चयन प्रक्रिया के आधार पर की जाती है। बीस वर्ष के कार्यकाल में ये डिप्टी कमांडेंट, कमांडेंट के पदों से होते हुए डीआईजी और आईजी सरीखे शीर्ष पदों तक पहुंच सकते हैं। कम से कम ग्रेजुएशन की डिग्रीधारक ही असिस्टेंट कमांडेंट के पद के लिए आवेदन कर सकता है। इस क्रम में एन सी सी का सर्टिफिकेट भी काफी फायदेमंद कहा जा सकता है।
लिखित परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पहले पेपर में जनरल अवेयरनेस, रीजनिंग, न्यूमेरिकल एबिलिटी और बेसिक इंटेलिजेंस पर आधारित प्रश्न होते हैं जबकि दूसरे पेपर में भाषा ज्ञान और लिखित रूप से व्यक्त कर पाने की क्षमता की परख की जाती है। हालांकि पुलिस फोर्स और सभी पैरा मिलिट्री फोर्सेस के चयन और लिखित परीक्षा के तौर तरीकों में थोड़ा बहुत अंतर अवश्य होता है।
लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट भी देना पड़ता है। इसमें रेस, हाई जंप, लॉन्ग जंप, शॉर्टपुट इत्यादि पर आधारित शारीरिक परीक्षा को शामिल किया जाता है। इसके बाद इंटरव्यू की कसौटी से भी गुजरना पड़ता है तभी अंतिम रूप से चयन की प्रक्रिया संपन्न होती है।

इस क्रम में यह भी बता दें कि दसवीं और बारहवीं पास युवा इन संगठनों में जवान के पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं और इनकी चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। अमूमन 18 से 26 वर्ष की आयु सीमा आवेदन के लिए निर्धारित की गई है।
कैसे करें तैयार
1. अक्सर लिखित परीक्षा में सफल होने के बावजूद युवा फिजिकल टेस्ट की कसौटी पर असफल हो जाते हैं। इसलिए इस टेस्ट की पूरे जोर शोर से तैयारी करनी चाहिए अन्यथा सारी मेहनत बेकार हो सकती है।

2. लिखित परीक्षा में सफल होने के लिए कम से कम एक साल पहले से नियमित तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। मॉडल टेस्ट पेपर्स का अभ्यास काफी कारगर सिद्ध होता है।
3. इंटरव्यू को 'टेक इट इजी' तरीके से कतई नहीं लेना चाहिए। इसके पैटर्न और संभावित प्रश्नों के उत्तर तैयार कर लेने चाहिए।

4. पुलिस सेवा और पैरा मिलिट्री सर्विस, दोनों की ही चयन परीक्षाओं में शामिल होना चाहिए। किसी को भी कम नहीं समझा जाना चाहिए।

 

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