सितारों को सताती भविष्य की चिंता

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सुनील शेट्टी होटल उद्योग से फिल्मों में आए तो मिथुन चक्रवर्ती ने फिल्मों के पैसे से 1980 में ही ऊटी में शानदार होटल शुरू कर होटल के व्यवसाय में कदम रखा। बीच में जब वह फिल्मों में काम नहीं मिलने की वजह से पर्दे पर नजर नहीं आ रहे थे तब होटल व्यवसाय से उन्हें अच्छा-खासा संबल प्रदान किया।

जब पहली बार ऊटी स्थित उनके होटल जाना हुआ तो वह मिलने आए और पूरा होटल घुमा कर दिखाया था। उसी दौरान बातचीत में उन्होंने बताया, 'इस होटल की वजह से ही मैं बुरे वक्त में खड़ा रह पाया और आज भी तन कर खड़ा हूँ। अगर होटल का व्यवसाय नहीं होता तो पता नहीं मेरा क्या होता? एक तरह से देखा जाए तो के कलाकारों को व्यवसाय की नई राह दिखाने वाले मिथुन ही पहले कलाकार हैं।
धर्मेंद्र ने दोस्तों के कहने पर जुहू में रिकॉर्डिंग स्टूडियो शुरू कर व्यवसाय में कदम रखा। उसके बाद उन्होंने विजेता फिल्म्स की स्थापना कर फिल्म निर्माण में भी कदम रखा लेकिन उनके बेटे बॉबी देओल ने फिल्म से जु़ड़े व्यवसाय के बदले होटल उद्योग में कदम रखना ज्यादा सही समझा है। अंधेरी में उन्होंने अपना पहला होटल शुरू किया जो इस समय बॉलीवुड का हॉट स्पॉट बन गया है।
राजेश खन्ना ने भी समय की नब्ज पहचानते हुए पाँच वर्ष पहले 2004 में लॉटरी के व्यवसाय में कदम रखा। मशहूर गायक सुरेश वाडेकर और प्रकाश मेहरा के साथ मिल कर राजेश खन्ना ने लॉटरी का व्यवसाय शुरू किया जो आज अच्छा-खासा फल-फूल रहा है। राजेश खन्ना को इस व्यवसाय से अच्छी आमदनी हो रही है। इस व्यवसाय में राजेश खन्ना के पार्टनर सुरेश वाडेकर ने इसके अलावा फिल्मों और संगीत से हुई अपनी कमाई को मुंबई के जुहू इलाके में एक संगीत स्कूल की स्थापना में लगाया है।
ने भी जींस बनाने वाली एक कंपनी के साथ मिल कर खुद के जींस का एक ब्रांड बाजार में उतारकर व्यवसाय में कदम रख दिया है। जॉन ने अपने उत्पाद की लांचिंग के वक्त बातचीत में कहा था, अभिनेता का कॅरिअर ज्यादा लंबा नहीं होता। जब तक काम है तब तक चलेगा, लेकिन जब काम मिलना बंद हो जाएगा उस समय का ध्यान में रखकर तो कुछ करना ही पड़ेगा। इसीलिए अभी से उसकी तैयारी कर रहा हूँ।'
जॉन की तरह ही बिपाशा का भी ऐसा ही मानना हैं । यही वजह है कि वह भी खुद का होटल शुरू करना चाहती हैं। बिपाशा कहती हैं, 'मैं पूरी जिंदगी अभिनेत्री बन कर नहीं रह सकती। भविष्य के बारे में कुछ तो सोचना पड़ेगा ही।'

सिर्फ बिपाशा ही नहीं बल्कि भी ऐसा ही सोचती हैं। फिल्मों से रिटायर होने के बाद कुछ काम हाथ में रहे इसलिए उन्होंने खुद के बैनर की स्थापना की है। इसके तहत वह फिल्मों के निर्माण के साथ-साथ होटल उद्योग में भी कदम रखने वाली हैं।
बॉलीवुड के ज्यादातर कलाकार या तो फिल्मों में पैसा लगाते हैं या होटल उद्योग में क्योंकि दोनों ही व्यवसाय बहुत हद तक सुरक्षित माने जाते हैं। बॉलीवुड के मशहूर खलनायक रंजीत ने मुंबई से थोड़ी ही दूर एक स्कूल में अपना धन लगाया है जो सफल है।

यूँ ने भी व्यवसाय शुरू किया था लेकिन बुरी तरह विफल हुए और उन्हें अपनी कंपनी दीवालिया घोषित करनी पड़ी। दो वर्ष पहले अमिताभ ने फिर से अपनी कंपनी को नए सिरे से शुरू किया है। जाहिर है, सफलता और विफलता के बीच फिल्मी सितारे फिल्म से इतर अन्य व्यवसायों में भाग्य आजमाने में ही सुरक्षित भविष्य देखते हैं।
सलमान भी शायद इसीलिए आईपीएल में अपना दाँव आजमाना चाह रहे हैं। इस मामले में सलमान अंतिम सितारे नहीं होंगे, उनके बाद भी सितारे अपने भविष्य को लेकर जागरूक रहेंगे।



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