अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : ईश्वर अच्छा ही करता है

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जवाब में उस दरबारी ने अपनी आपबीती विस्तार से कह सुनाई। वह बोला- अब मुझे विश्वास हो गया है कि ईश्वर जो कुछ भी करता है, मनुष्य के भले के लिए ही करता है। यदि मेरी उंगली न कटी होती तो निश्चित ही आदिवासी मेरी बलि चढ़ा देते।

इसीलिए मैं रो रहा हूं, लेकिन ये आंसू खुशी के हैं। मैं खुश हूं क्योंकि मैं जिंदा हूं। बीरबल के ईश्वर पर विश्वास को संदेह की दृष्टि से देखना मेरी भूल थी।
WD| Last Updated: गुरुवार, 28 अगस्त 2014 (14:08 IST)

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