सकारात्मक सोच और सफलता

जीवन में लाएँ कुछ बदलाव

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यह सत्य है कि हम जैसा सोचते हैं, वैसा ही प्राप्त करते हैं। नकारात्मक जहाँ हमें निराशावादिता और नाकामी की ओर ले जाती है, वहीं सकारात्मक हमें सकारात्मकता और सफलता की ओर अग्रसर करते हैं।

कई शोधों से भी यही बात सामने आई है कि हमारी सोच हमारी कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। हम जैसा सोचते हैं, वैसा ही कार्य करते हैं। यदि हम दिन के 24 घंटों में से दस घंटे नकारात्मक बातें करते हैं तो धीरे-धीरे हमारी सोच भी नकारात्मक होने लगती है फिर हमें दुनिया के हर इंसान में ही नजर आने लगती है।

अच्छा सोचें :-
यदि हम ये ठानकर चलें कि आज दिनभर हम जो भी सोचेंगे, अच्छा ही सोचेंगे तो निश्चित ही हमारा दिन अच्छा जाएगा। यही प्रयोग हम सप्ताहभर के लिए भी कर सकते हैं, उसके बाद देखिए आपके में क्या परिवर्तन आता है।

  कई बार हम कुछ ऐसे लोगों की संगति में फँस जाते हैं, जो हमेशा अपने दु:खों का ही रोना लेकर बैठ जाते हैं। जीवन में उन्हें खुश रहना तो आता ही नहीं है। आपके लिए अच्छा होगा कि आप ऐसे लोगों से दूर ही रहें।      
अच्छे काम में मन लगाएँ :-
कई बार व्यक्ति का काम इतना तनावपूर्ण रहता है कि वह क्रोध करता है तथा उसके दिमाग में आते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा होता है तो आप स्वयं को किसी ऐसे कार्य में लगाइए, जिससे आपको मानसिक शांति मिले।

आप चाहें तो मधुर संगीत, मौज-मस्ती, अच्छा साहित्य आदि के माध्यम से अपने तनाव को दूर कर सकते हैं।

व्यर्थ की बहस से बचें :-
जीवन में सफलता पाने के लिए तथा सकारात्मक सोच के लिए व्यक्ति को व्यर्थ की बहसबाजी से बचना चाहिए। ‍फिजूल बातों पर बहस करने से आपका तनाव बढ़ता है। जीवन में अगर आपको कुछ पाना हो तो आपको इससे बचना होगा।

हर रोज कुछ नया करें :-
सकारात्मक सोच के लिए अपनी जीवनशैली में परिवर्तन करना आपके लिए नितांत आवश्यक है। यदि आप हर रोज अपने जीवन में कोई सकारात्मक बदलाव लाएँगे तो नि:संदेह ही आप अच्छा सोचेंगे व अच्छा करेंगे।

अच्छे लोगों से दोस्ती करें :-
कई बार हम कुछ ऐसे लोगों की संगति में फँस जाते हैं, जो हमेशा अपने दु:खों का ही रोना लेकर बैठ जाते हैं। जीवन में उन्हें खुश रहना तो आता ही नहीं है। आपके लिए अच्छा होगा कि आप ऐसे लोगों से दूर ही रहें।

जब भी आप निराश हों, तब आपको अपने ग्रुप के कुछ ऐसे लोगों से दोस्ती करना चाहिए जो हँसमुख व ऊर्जावान हों। इनके संपर्क में रहने से आपको एक नई प्रेरणा मिलेगी और निराशा आपके जीवन से छू-मंतर हो जाएगी।

सोच का दायरा तो बढाओ :-
जो व्यक्ति अपनी सोच को सीमित रखता है, वह अपने सपनों को कभी पूरा नहीं कर पाता है। हमेशा आपको अपनी सोच का दायरा बड़ा रखना चाहिए। आप जिस चीज के बारे में सोचेंगे, वही आपको मिलेगी। यदि आप किसी चीज के बारे में सोचते ही नहीं हैं तो आप उसे पा ही नहीं सकते।

गायत्री शर्मा|
सफलता और हमारे बीच की दूरी बस दस कदम की है। हमें सफलता तभी मिल सकती है, जब हम अपनी नकारात्मक सोच को त्यागकर स्वयं को इसके योग्य समझेंगे। फिर देखिए कि एक सोच के बदलने मात्र से ही आपके जीवन में कितना परिवर्तन आता है।



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