Fact Check: PM मोदी के ‘आंदोलनजीवी’ वाले बयान का नितिन गडकरी ने किया विरोध? जानिए वायरल VIDEO का सच
(Photo:Screenshot of viral video)
क्या है वायरल वीडियो में-
MP Congress और कांग्रेस के कई नेताओं ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से शेयर किया है। इस वीडियो में गडकरी कह रहे हैं- “प्रधानमंत्री जो बात कह रहे हैं वो लोकतंत्र के खिलाफ है और भ्रष्ट नेताओं और सरकारों के खिलाफ आंदोलन करना संवैधानिक अधिकार है, जनता का अधिकार, नागरिकों का अधिकार है। आंदोलन करने का अधिकार प्रधानमंत्री ने देश को नहीं दिया बल्कि संविधान ने दिया है।” वीडियो में गडकरी आंदोलन करने वालों का समर्थन करते और प्रधानमंत्री पर लगातार निशाना साधते हुए सुने जा सकते हैं।
भ्रष्ट नेताओं और सरकारों के ख़िलाफ़ लोकतंत्र में आंदोलन करना जनता का संवैधानिक अधिकार है, विपक्ष का अधिकार है, देश के अनेकों नागरिकों का अधिकार है : नितिन गडकरी, बीजेपी नेता
— MP Congress (@INCMP) February 9, 2021
मोदी जी,
ये भी आंदोलनजीवी..? pic.twitter.com/uG9jZfucWw
गडकरी ने प्रधानमंत्री को लताड़ा।
प्रधानमंत्री को बताया लोकतंत्र विरोधी। pic.twitter.com/OTvDtum8o3
— Surendra Rajput (@ssrajputINC) February 9, 2021
कल प्रधानमंत्री मोदी जी ने सदन में आन्दोलनजीवी
— Satyaveer Singh Brar (@SatyarthiSS) February 10, 2021
और परजीवी जैसे कुछ शब्दों का प्रयोग कुछ लोगों
के लिए किया था,और आज नितिन गडकरी जी उनके
विरुद्ध प्रेस के सामने ये कह रहे हैं।
साथ में मंत्री रविशंकर प्रसाद जी भी हैं।
इन्हें भी नागवार गुजरा है।
सोच अपनी अपनी। pic.twitter.com/NjWsWOJvja
क्या है सच-
नितिन गडकरी ने इस वीडियो में अन्ना हज़ारे, बाबा रामदेव और प्रधानमंत्री का ज़िक्र किया है। यूट्यूब पर कुछ कीवर्डस की मदद से सर्च करने पर हमें ओरिजनल वीडियो मिल गया। भाजपा ने अपने यूट्यूब चैनल पर इसे 16 अगस्त 2011 को अपलोड किया था।
उस दौरान देश में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चल रहा था। इसी आंदोलन का समर्थन करते हुए गडकरी ने तत्कालीन कांग्रेस की मनमोहन सिंह सरकार पर हमला बोला था और कहा था कि प्रधानमंत्री किस आधार पर शांतिपूर्ण आंदोलन का विरोध कर रहे हैं।
वेबदुनिया की पड़ताल में वायरल हो रहा नितिन गडकरी का वीडियो पुराना निकला। 15 अगस्त 2011 को भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष नितिन गडकरी ने उस वक्त प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह पर ये टिप्पणी की थी।

