'लुंगी वाला' बयान पर संसद में बवाल, सुष्मिता देव को उपसभापति ने लगाई फटकार, सदन में जमकर हंगामा
CPIM के राज्यसभा जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि उन्हें भाजपा सांसद सुष्मिता देव ने लुंगी वाला कहा। उन्होंने इसकी शिकायत सभापति से की। इस पर सभापति ने भी नाराजगी जाहिर की। सभापति ने सांसदों को नसीहत दी कि सांसदों को एक दूसरे की परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। जॉन ब्रिटास ने दावा किया कि BJP की सांसद सुष्मिता देव मुझे लुंगी वाला, लुंगी वाला कहती हैं। इस पर विपक्षी दलों ने ब्रिटास के समर्थन में जमकर हंगामा किया।
दक्षिण में लाखों लोग पहनते हैं लुंगी
ब्रिटास ने कहा कि लुंगी लाखों लोगों का पहनावा है। खासकर दक्षिण भारत के लोग इसे पहनते हैं। उनके इस शब्द का अपमानजनक इस्तेमाल दक्षिण भारतीयों का मजाक उड़ाने वाली पुरानी रूढ़ियों से जुड़ा रहा है।
उन्होंने 1960 और 1970 के दशक में मुंबई में दक्षिण भारतीयों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में लुंगीवाला और मद्रासी जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपमानजनक तरीके से किया जाता था। ब्रिटास ने अपने नोटिस में दावा किया कि घटना के दौरान मौजूद कुछ सांसदों ने भी टिप्पणी पर आपत्ति जताई थी।
उन्होंने बताया कि पास बैठे सुखेंदु शेखर रॉय ने बाद में सुष्मिता देव को माफी मांगने की सलाह देने की बात कही थी। ब्रिटास ने यह मामला केवल एक सांसद की गरिमा का नहीं, बल्कि अलग-अलग राज्यों और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आने वाले सदस्यों के सम्मान से भी जुड़ा है। हंगामे के बीच चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने कहा कि किसी भी सांसद कि गरिमा और उसके सम्मान को ठेस नहीं पहुंचाया जाए।
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि अगर ऐसा कुछ भी जो आपत्तिजनक है, तो आप (सभापति) उन्हें चेंबर में बुलाकर उनकी आपत्ति सुनें. किरेन रिजिजू और सदन के नेता जेपी नड्डा ने चेयरमैन से सुष्मिता देव को भी बोलने की अनुमति देने का आग्रह किया।

