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Inside story:पीएम मोदी के ‘आंदोलनजीवी’ वाले बयान ने किसान आंदोलन को दी नई धार और दिशा ?

अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन नहीं करने वाले आज भी जन आंदोलनों से डरते हैं : संयुक्त किसान मोर्चा

Farmer protest
नए कृषि कानून के विरोध में पिछले 75 दिन से दिल्ली की घेरा डाल कर बैठे किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंदोलन को खत्म करने की अपील को ठुकरा दिया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं ने पीएम के 'आंदोलनजीवी' वाले बयान पर नाराजगी जताते हुए किसान आंदोलन को आजादी के आंदोलन से जोड़ दिया है। वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर 'आंदोलनजीवी' शब्द लगातार ट्रैंड कर रहा है। किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले लोग अब सोशल मीडिया पर खुद को आंदोलनजीवी बताते हुए अपने नाम के आगे 'आंदोलनजीवी' शब्द जोड़ रहे है।

किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किसान नेता दर्शनपाल ने पीएम के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि किसान प्रधानमंत्री को याद दिलाना चाहेंगे कि वे आंदोलनजीवी ही थे जिन्होंने भारत को औपनिवेशिक शासकों से मुक्त करवाया था और इसीलिए हमें आंदोलनजीवी होने पर गर्व भी है। यह भाजपा और उसके पूर्वज ही है जिन्होंने कभी भी अंग्रेजों के खिलाफ कोई आंदोलन नहीं किया। वे हमेशा जन आंदोलनों के खिलाफ थे इसलिए वे अभी भी जन आंदोलनों से डरते हैं। 
 
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को लेकर सरकार का अड़ियल रवैया है जिसके कारण ये आंदोलन लंबा हो रहा है जो कि आंदोलनजीवी पैदा कर रहा है। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री के उस बयान की निंदा की है जिसमें उनको अंदोलनजीवी बताया गया था।
वहीं किसान आंदोलन के मुख्य रणनीतिकार योगेंद्र यादव ने कहा कि अब पीएम मोदी को आंदोलन बुरा लगने लगा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी खुद कुछ दिन पहले तक जनांदोलन के बारे में कहा करते थे, वह खुद कांग्रेस के खिलाफ जनांदोलन करने की अपील किया करते थे लेकिन अब उन्हें आंदोलन बुरा लगने लगा है। योगेंद्र यादव ने कहा कि वो आंदोलनजीवी हैं क्योंकि भारत की आजादी भी आंदोलन से हुई है और देश ने कई आंदोलन देखे हैं जो परिवर्तन लेकर आए है।
वहीं किसान नेता राकेश टिकैत कानून वापसी नहीं, तो घर वापसी नहीं की बात पर अड़े डुए हैं । राकेश टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन जल्दी खत्म होने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री के MSP जारी रखने के बयान पर कहा कि एमएसपी पर खाली बयानों से किसानों को किसी भी तरह से फायदा नहीं होगा और अतीत में भी इस तरह के अर्थहीन बयान दिए गए थे। किसानों को वास्तविकता में और समान रूप से टिकाऊ तरीके से तभी लाभ होगा जब सभी फसलों के लिए एमएसपी को ख़रीद समेत कानूनी गारंटी दी जाती है।

क्या कहा था पीएम मोदी ने ?- सोमवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान आंदोलन को लेकर जमकर तंज कसा था। उन्होंने आंदोलनजीवी, फॉरेन डिस्ट्रक्टिव आइडियोलॉजी और जी-23 जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। मोदी ने कहा कि देश में एक नई बिरादरी सामने आई है- आंदोलनजीवी। किसान आंदोलन पर विदेशी सेलिब्रिटीज के समर्थन पर PM बोले कि यह नया FDI है। इसका मतलब फॉरेन डिस्ट्रक्टिव आइडियोलॉजी है। 
लेखक के बारे में
विकास सिंह
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