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योगी सरकार में मजबूत हुई बेसिक शिक्षा की नींव, कंपोजिट विद्यालयों में 9 साल में 1.84 लाख शिक्षक बढ़े

Foundation of basic education has been strengthened under Yogi government
- 2017 से पहले 918 थी कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, अब 1.85 लाख के पार।
- योगी सरकार में शिक्षक हित के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है।
- शिक्षकों को 5 लाख रुपए तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा।
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश की बेसिक शिक्षा व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों के दौरान विद्यालयों के सुदृढ़ीकरण के साथ शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। वर्ष 2017 के बाद योगी सरकार के कार्यकाल में विद्यालयों को आवश्यकता के अनुरूप शिक्षक उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए गए। इसका असर कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में हुई बड़ी वृद्धि के रूप में सामने आया है।

2016-17 में 918 थी शिक्षकों की संख्या

आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या वर्ष 2016-17 में महज 918 थी, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,85,408 हो गई यानी नौ वर्षों में कंपोजिट विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या में करीब 1.84 लाख की वृद्धि हुई है। यह बदलाव प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर विद्यालयों के एकीकरण तथा उनके नए स्वरूप में संचालन के साथ शिक्षक उपलब्धता बढ़ाने की प्रक्रिया को भी दर्शाता है।
प्रदेश में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के एकीकरण से विद्यालय परिसर कंपोजिट विद्यालयों के रूप में सशक्त हुए हैं। इस पहल से शिक्षण व्यवस्था को मजबूती मिली है और शिक्षकों की संख्या में 26,488 की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे शैक्षिक संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिला है।
 

योगी सरकार में शिक्षक हित को प्राथमिकता

योगी सरकार की ओर से शिक्षक हित में भी कई कदम उठाए गए हैं। 5 लाख रुपए तक की मुफ्त कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 58 करोड़ रुपए खर्च कर नियमित ट्रेनिंग (2026-27), मानव संपदा पोर्टल से छुट्टी एवं वेतन पाना आसान और प्रत्येक विद्यालय में सहयोग के लिए 2 टैबलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस तरह योगी सरकार में शिक्षक हित के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। साथ ही विकसित प्रदेश की नींव भी सशक्त हुई है। 

कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 225 से बढ़कर 24,605 हुई

वहीं योगी सरकार की पहल से कंपोजिट विद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यू-डायस के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017-18 में प्रदेश में 225 कंपोजिट विद्यालय थे, जिनकी संख्या 2025-26 में बढ़कर 24,605 हो गई। इस दौरान 24,380 विद्यालयों की वृद्धि दर्ज की गई।

इन विद्यालयों में बालवाटिका से कक्षा आठ तक एक ही परिसर में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने की सुविधा मिल रही है। साथ ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा को एकीकृत कर शैक्षिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
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