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बुजुर्गों को राहत, 75 वर्ष के नागरिकों को आयकर रिटर्न से छूट
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वतंत्रता के 75वें साल में 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन वरिष्ठ नागरिकों को आयकर रिटर्न भरने से छूट दी है, जिनकी आय केवल पेंशन एवं ब्याज से होती है।
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सीतारमण ने सोमवार को संसद में वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के 75वें साल के बजट में 75 वर्ष की आयु और उससे अधिक के वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा राहत प्रदान की गई है। ऐसे वरिष्ठ नागरिक जिन्हें पेंशन और ब्याज सहित आय प्राप्त होती है, उन्हें आयकर दाखिल करने में राहत प्रदान की गई है। उन्हें भुगतान करने वाला बैंक ही उनकी आय से आवश्यक कर की कटौती करके राशि अंतरित कर देगा।
उन्होंने कहा कि कर प्रणाली एवं विवाद प्रबंधन को और भी अधिक सरल बनाने तथा प्रत्यक्ष कर प्रणाली के अनुपालन को आसान बनाया जाएगा। इसके लिए विवाद समाधान समिति और फेसलेस (उपस्थिति रहित) आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल-आईटीएटी के गठन की घोषणा की गई। उन्होंने अप्रवासी भारतीयों को कर राहत प्रदान करने की बात कही और लेखा परीक्षा में छूट तथा लाभांश आय में राहत की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने विनिर्माण के क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का उल्लेख किया। इसके अलावा, सस्ते मकानों और किराए के घरों की परियोजना को भी अतिरिक्त राहत प्रदान की। सस्ते घर खरीदने के लिए मिलने वाले ऋण के ब्याज में 1.5 लाख रुपए तक की छूट का प्रावधान 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया जाएगा।
उन्होंने सस्ते घर की योजना के तहत कर छूट का दावा करने के लिए पात्रता की समय-सीमा एक वर्ष और बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी है। प्रवासी मजदूरों के लिए किराये के सस्ते मकान उपलब्ध कराने के प्रावधान में वित्त मंत्री ने सस्ते किराए वाली आवासीय परियोजनाओं के लिए कर राहत की नई घोषणा की है।
