देश का पहला बजट 15 अगस्त 1949 को प्रस्तुत किया गया था और तब देश को आजाद हुए मात्र बमुश्किल 3 माह ही हुए थे। देश के आजाद होने के बाद पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आरके शणमुखम शेट्टी ने पहली बार पेश किया था। वास्तव में यह एक पूर्ण बजट नहीं था और असल में बजट के नाम पर पेश की गई जानकारी में तत्कालीन अर्थव्यवस्था की समीक्षा भर की गई थी। बजट में किसी प्रकार के कर का प्रस्ताव नहीं था, क्योंकि अगले वर्ष का बजट करीब 3 महीने की दूरी पर था।