Budget 2021 : आम आदमी पार्टी व राष्ट्रीय लोकदल ने बजट को बताया किसान और जनविरोधी

अवनीश कुमार| पुनः संशोधित सोमवार, 1 फ़रवरी 2021 (21:43 IST)
लखनऊ। केंद्रीय वित्तमंत्री ने में पेश किया और विभिन्न महत्वपूर्ण पहलों का प्रस्ताव भी दिया है जिसके बाद आम आदमी पार्टी व ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पर निशाना साधा है, उसने केन्द्रीय बजट को किसान और जनविरोधी बताया है।
तरक्की की सभी संभावनाएं हुईं बंद : केन्द्रीय बजट को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने बातचीत करते हुए कहा कि निर्मला सीतारमण जी देश का बजट संसद में पेश करते वक्त एक टेबलेट लेकर आईं और उस टेबलेट से बजट पढ़ा और उसी टेबलेट पर एक क्लिक करते ही देश के एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन अडाणी के नाम होते रहे और आम आदमी का भविष्य अंबानी के नाम हो गया।

सरकार इस बजट को ऐतिहासिक बजट कह रही है, वाकई यह ऐतिहासिक बजट है, क्योंकि सब कुछ बेचने वाला यह बजट भारत को सन् 1200 के इतिहास में ले जाएगा।इस सरकार ने नौजवानों,किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, सभी के हितों को कॉर्पोरेट्स के हाथों बेच दिया है। आज पेश किए गए बजट द्वारा भाजपा सरकार ने भारत की तरक्की की सभी संभावनाओं को बंद कर दिया है।

बजट में युवाओं को निराशा ही हाथ लगी : राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने केन्द्रीय बजट को किसान और जनविरोधी बजट बताया।उन्होंने कहा कि यह बजट देश में कर्ज व महंगाई बढ़ाने का काम करेगा।उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के लोगों को बजट से बहुत उम्मीद थी।

यह बजट लोगों की क्रयशक्ति और रोजगार में बढ़ोतरी करने का काम करेगा, लेकिन बजट से देश के मध्य वर्ग किसान और वंचित तबके को निराशा हुई है।अनिल दुबे ने डीजल और पेट्रोल पर अतिरिक्त भार लगाने को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इससे लगता है कि सरकार किसानों से ट्रैक्टर रैली का बदला लेने का काम कर रही है

आयकर में रिटर्न दाखिल करने में वरिष्ठ नागरिकों को मिली छूट की सीमा को 75 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष किया जाना और बजट में रोजगार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।देश में रोजगार को लेकर युवाओं को लेकर इस बजट से बड़ी उम्मीद थी, लेकिन इसमें युवाओं को निराशा ही हाथ लगी है।



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