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Last Updated : शनिवार, 2 मार्च 2024 (15:24 IST)

सफल रही उज्जैन की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव-2024, 63 इकाइयों की वर्चुअल शुरुआत, 10 हजार करोड़ से अधिक का निवेश आया

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 283 बड़ी और एमएसएमई इकाईयों को 12 हजार 170 करोड़ से अधिक निवेश के लिए भूमि आवंटन आदेश दिये

सफल रही उज्जैन की रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव-2024, 63 इकाइयों की वर्चुअल शुरुआत, 10 हजार करोड़ से अधिक का निवेश आया - Ujjain Industry Conclave was successful under the leadership of Chief Minister Dr. Mohan Yadav
उज्जैन। इंजीनियरिंग महाविद्यालय परिसर में दो दिवसीय रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन बहुत सफल रहा। कॉन्क्लेव में यूएसए, यूके, कनाडा, सीजी, जर्मनी, इजराईल, जापान, गेबोन, साउथ कोरिया, सिंगापुर, जाम्बिया और मलेशिया के प्रतिनिधि शामिल हुए। कांक्लेव में करीब 4 हजार प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों से पृथक-पृथक चर्चा भी की। उन्होंने 20 से अधिक प्रमुख औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों से वनटूवन चर्चा की। कॉन्क्लेव में 63 इकाईयों का वर्चुअल शुभारंभ भी किया गया। जिसके लिए प्रदेश के विभिन्न 21 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गये। इन इकाईयों से प्रदेश में 10 हजार 064 करोड़ रूपये का निवेश आ रहा है, जो 17 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में 283 बड़ी और एमएसएमई इकाईयों को 12 हजार 170 करोड़ से अधिक निवेश के लिए भूमि आवंटन आदेश भी प्रदान किये। यह कॉन्क्लेव की विशेषता थी, जिसे निवेशकों सहित आमजन और जनप्रतिनिधियों द्वारा भी सराहा गया। प्रदेश में पहली बार मंच से ही इतनी बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाईयों को जमीन आवंटन के आदेश प्राप्त हुए हैं। कॉन्क्लेव के माध्यम से सबसे बड़ा निवेश अडानी समूह की तरफ से आया है, जो प्रदेश में 75 हजार करोड़ के निवेश के लिए आगे आया है। उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में भी पेप्सिकों समूह 1250 करोड़ रूपये का निवेश कर रहा है, जो करीब 500 लोगों को रोजगार दिलवायेगा।

10 हजार तकनीकी रोजगार के अवसर सृजित होंगे-एलटीआई माइंडट्री ने मध्यप्रदेश शासन के साथ एक एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए हैं। जिसके तहत सुपर कॉरिडोर, इंदौर में संस्थान के प्रस्तावित परिसर में 500 करोड़ रुपये निवेश होगा। इसके लिए सरकार की आईटी नीति के तहत संस्थान को 10 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। इस निवेश से राज्य में लगभग 10,000 तकनीकी रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में 20 से अधिक औद्योगिक समूहों द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन बैठक की गई, जिसमें लगभग 17,000 करोड़ के निवेश संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा हुई । लगभग 880 इकाइयों के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख करोड़ से अधिक निवेश करने के लिए इन्टेन्शन-टू-इन्वेस्ट प्रदर्शित किया गया।

एयर एंबुलेंस की विशेष उपलब्धि-कॉन्क्लेव के दौरान मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई। निर्धन वर्ग के लिए यह सेवा वरदान सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव के दूसरे ओर समापन दिवस पर इसका शुभारंभ किया। इस सेवा के अंतर्गत एक हेली-एम्बुलेंस और एक फिक्स्ड विंग कन्वर्टेड फ्लाइंग आईसीयू विमान प्रदेश के सभी जिलों और प्रशासनिक प्रभागों के नागरिकों की सेवा में तैनात रहेंगे। इस हेलीकॉप्टर और विमान में उच्च प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स की एक टीम भी रहेगी फ्लाइंग डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम एयरो मेडिकल साइंसेज फैलोशिप में प्रशिक्षित होंगे। इस सेवा का लाभ प्रदेश के नागरिकों को प्राप्त होगा।

5 क्षेत्रीय सत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा-कॉन्क्लेव में सेक्टर-वार निवेश अवसरों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करने के लिए इन 2 दिनों के दौरान पांच क्षेत्रीय सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में एमएसएमई और स्टार्टअप, मप्र में निवेश के अवसर डेयरी, एग्रो, खाद्य प्रसंस्करण, म.प्र. में अधोसंरचना विकास में निवेश के अवसर और धार्मिक पर्यटन पर गंभीर चर्चा हुई। इसी तरह फार्मा मेडिकल, डिवाइस के अवसर और चुनौतियों के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ। ये सत्र प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के नए द्वार खोलेंगे।

रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, इंजीनियरिंग, कपड़ा, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, शहरी अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में विविध निवेश के अवसरों का प्रदर्शन किया गया । राज्य सरकार, ओडीओपी और राज्य के अन्य उत्पादों के निर्यात और घरेलू व्यापार को बढ़ावा देने के लिए समानांतर रूप से काम कर रहा है, जिसके लिए एक अलग बॉयर सैलर बैठक क्षेत्र बनाया गया है। कॉन्क्लेव में दो दिनों में 2500 से अधिक बॉयर सेलर के साथ बैठक हुई जिसमें भागीदारों का उत्साह सामने आया। 

मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिवेश को प्रदर्शित करने के लिए तीन प्रदर्शनी स्थापित की गई जिनमें 16 विभिन्न तरह के उद्योगों के जरिए प्रदेश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के संबंध में जानकारी दी गई। मध्य प्रदेश मंडप में मध्य प्रदेश की नीतियों के साथ ही  ओडीओपी उत्पाद के बारे में भी जानकारी दी गई। ओडीओपी से संबंधित विशेष प्रकाशन भी किया गया। कॉन्क्लेव में इसका विमोचन हुआ। कॉन्क्लेव में भागीदार कर रहे प्रतिनिधियों ने मध्य प्रदेश के उद्योग क्षेत्र से जुड़ी उपयोगी जानकारियों और सूचनाओं के प्रकाशन का स्वागत भी किया।

भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में पहली बार उद्योग क्षेत्र का दो दिवसीय सार्थक आयोजन संपन्न हुआ। विश्व पटल पर उज्जैन के पौराणिक महत्व के साथ औद्योगिक क्रांति की इस नई पहल का सभी पक्षों द्वारा स्वागत हुआ है।