suvichar

Ganga Dussehra Bhog : गंगा दशहरा पर इस पारंपरिक भोग से प्रसन्न होंगी गंगा मैया

Written By WD Feature Desk
Updated: शुक्रवार, 14 जून 2024 (16:03 IST)
Highlights : 
गंगा दशहरा पर क्या लगाएं भोग। 
गंगा दशहरा की रेसिपी जानें।  
गंगा दशहरा पर बनाएं पारंपरिक शाही चूरमा।  

ALSO READ: बड़ा मंगल पर हनुमान जी के लिए घर पर बनाएं ये खास भोग, नोट करें रेसिपी
 
Ganga Maiya Naivedya : गंगा दशहरा के पावन पर्व पर गंगा मैया को इस पारंपरिक राजस्थानी मिठाई का लगाए भोग। गंगा माता प्रसन्न होकर आप पर अपनी कृपा अवश्य बरसाएंगी, नोट करें रेसिपी.... 
 
शाही मीठा चूरमा
 
सामग्री : आटा 500 ग्राम, 400 ग्राम पिसी चीनी (बूरा), 100 ग्राम मावा, 100 ग्राम मिश्री, 1/2 चम्मच केसर, 2 चम्मच पिसी छोटी इलायची, पाव कप पिस्ता, घी आवश्यकतानुसार, 1 चम्मच गुलाब जल।
 
विधि : सबसे पहले गेहूं के आटे में घी का अच्छा मोयन देकर कड़ा सान लें। फिर इसकी मुठियां बना लें। एक कढ़ाही में घी गर्म करके बादामी तल लें। 
 
अब इन्हें इमाम दस्ते में साथ-साथ कूट लें। फिर मोटी चलनी से छान लें। मोटे टुकड़ों को फिर से कूटकर छान लें। फिर उबलते पानी में पिस्ता 2-3 मिनट रखकर निकाल लें। इन्हें छीलकर लंबे-लंबे महीन काट लें। मिश्री को दरदरा दल लें। केसर को गुलाब जल में घोटकर चीनी में मिला दें। 
 
अब मावे को मोटी चलनी से छानकर, धीमी आंच पर गुलाबी होने तक सेंक लें। और  इसमें गर्म करके ठंडा किया हुआ 100 ग्राम के करीब घी मिला दें। अब छने हुए मुठियां के बुरे में मावा, चीनी, पिसी इलायची व पिस्ता की कतरन मिला दें। लीजिए तैयार हो गया आपका पारंपरिक शाही मीठा चूरमा। अब इस भोग को यानि चूरमे को गंगा मैया को अर्पित करें।
 
नोट : यदि चाहें तो इसके लड्डू भी बांध कर नैवेद्य चढ़ा सकते हैं।
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

आंदोलित युवा और संवाद की आवश्यकता

नेतन्याहू के लिए ब्रिटेन एक इस्लामी देश क्यों है?

इंदौर में साहित्य की विविध विधाओं का संगम: जनवादी लेखक संघ का 150वाँ रचना पाठ संपन्न

इंदौर में आयोजित होगा राज्य स्तरीय- लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता

दिलों को जोड़ने की एक मुहिम: जानिए राजीव गांधी की जयंती और 'सद्भावना दिवस' का कनेक्शन

अगला लेख