महिला और पुरुष बैडमिंटन टीमें पदक होड़ से बाहर

पुनः संशोधित सोमवार, 20 अगस्त 2018 (18:11 IST)
जकार्ता। स्टार शटलर पीवी सिंधू का एकमात्र साहसी प्रदर्शन की जीत के लिए नाकाफी साबित हुआ और उसे 18वें एशियाई खेलों में सोमवार को बैडमिंटन टीम स्पर्धा में शीर्ष वरीयता प्राप्त जापान के हाथों क्वार्टर फाइनल मैच में 1-3 से हार झेलनी पड़ी।

भारतीय महिला टीम इस हार के साथ ही पदक होड़ से बाहर हो गई। महिला टीम की हार के बाद पुरुष टीम मेजबान इंडोनेशिया के हाथों क्वार्टर फाइनल में 1-3 से हारकर पदक होड़ से बाहर हो गई। पुरुष टीम ने रविवार को प्री क्वार्टर फाइनल में मालदीव को 3-0 से हराया था लेकिन
इंडोनेशिया के आगे भारतीय पुरुष खिलाड़ी खासा निराश कर गए।

टीम मुकाबलों के बाद अब भारत की बैडमिंटन में पदक जीतने की उम्मीदें एकल मुकाबलों में पीवी सिंधू और साइना नेहवाल पर रह गई हैं। भारत ने एशियाई खेलों के इतिहास में 8 कांस्य पदक जीते हैं और पिछले एशियाई खेलों में भारत को सिर्फ महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक मिला था।
भारतीय महिला टीम ने 4 साल पहले पिछले एशियाई खेलों में टीम स्पर्धा में जापान के साथ कांस्य पदक जीता था लेकिन इस बार उसकी चुनौती क्वार्टर फाइनल में ही टूट गई। भारतीय टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला था, जहां वह जापान की शेष खिलाड़ियों से पार नहीं पा सकी।

बेस्ट ऑफ फाइव के इस टूर्नामेंट में ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधू ही भारत के लिए एकमात्र मैच जीत पाईं। सिंधू ने विश्व की दूसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची को लगातार गेमों में 21-18, 21-19 से पराजित कर भारत को बढ़त दिलाई।
लेकिन महिला युगल में एन. सिक्की रेड्डी और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी को अलग करने का निर्णय गलत साबित हुआ। सिक्की और आरती सारा को एक टीम में उतारा गया जिन्हें यूकी फुकुशिमा और सयाका हिरोतो ने लगातार गेमों में 21-15, 21-6 से हरा दिया। युगल टीम की हार के बाद राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण विजेता साइना नेहवाल पर जिम्मेदारी थी कि वे टीम को बढ़त दिलाएं लेकिन जापान की नोजोमी ओकुहारा ने उन्हें 21-11, 23-25, 21-16 से हराकर जापान को 2-1 से आगे कर दिया।
युगल में अश्विनी पोनप्पा के साथ सिंधू को उतारा गया ताकि भारत को बराबरी मिल सके लेकिन भारतीय जोड़ी मिसाकी मात्सुमोतो और अयाका ताकाहाशी के हाथों 13-21, 12-21 से हारकर मुकाबला गंवा बैठी। जापान ने 3-1 की जीत के साथ सेमीफाइनल में स्थान बना लिया।

पुरुष टीम मुकाबले में भारत की ओर से केवल एचएस प्रणय ही अपना मैच जीत सके। अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने निराश किया। पुरुष एकल मुकाबलों में अब भारत की उम्मीदें किदाम्बी श्रीकांत और प्रणय पर टिकी रहेंगी। (वार्ता)



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