पहलवानी में पहला पदक, सुनील कुमार तकनीकी श्रेष्ठता से जीते कांस्य पदक
भारत के ग्रीको रोमन पहलवान सुनील कुमार ने पुरुषों के 87 किग्रा वर्ग में फिलीपींस के रॉबर्ट कैलम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर कांस्य पदक जीता। इससे पहले भारतीय पहलवान सुनील कुमार ने बुधवार को पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको-रोमन कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में जगह बना ली।
आज खेले गये मुकाबले में भारत के सुनील कुमार ने ताजिकिस्तान के मुहम्मद सुल्तानजोडा को ‘टेक्निकल सुपीरियरिटी’ के आधार पर 9-0 से हराकर पुरुषों के 87 किग्रा ग्रीको-रोमन सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सुनील ने अपने प्रतिद्वंद्वी का दाहिने हाथ बांधकर उन्हें पटखनी देते हुए 4-0 से बढत बना ली। रक्षात्मक खेल रहे जॉनस्टन को ‘पार टेरे’ पोजिशन से जमीन पर गिराते हुए सुनील ने स्कोरिंग मूव बनाते हुए पहले ही पीरियड में मुकाबला जीत लिया।
उन्होंने हांगझोउ में 2023 खेलों में भी कांस्य पदक जीतकर ग्रीको रोमन शैली में भारत का पदक का 13 साल का इंतजार खत्म किया था।इससे पहले रविंदर सिंह और सुनील कुमार ने 2010 में ग्वांग्झू खेलों में कांस्य पदक जीता था।
सुनील ने अपने प्रतिद्वंद्वी का दाहिने हाथ बांधकर उन्हें पटखनी देते हुए 4-0 से बढत बना ली। रक्षात्मक खेल रहे जॉनस्टन को ‘पार टेरे’ पोजिशन से जमीन पर गिराते हुए सुनील ने स्कोरिंग मूव बनाते हुए पहले ही पीरियड में मुकाबला जीत लिया।
उन्होंने हांगझोउ में 2023 खेलों में भी कांस्य पदक जीतकर ग्रीको रोमन शैली में भारत का पदक का 13 साल का इंतजार खत्म किया था।इससे पहले रविंदर सिंह और सुनील कुमार ने 2010 में ग्वांग्झू खेलों में कांस्य पदक जीता था।

