1. धर्म-संसार
  2. धर्म-दर्शन
  3. श्रावण मास विशेष
  4. Solah Somvar sawan somvar ke shubh yog sanyog

सावन के 4 सोमवार होंगे बेहद खास, बन रहे हैं अद्भुत योग, जानिए कौन-से 4 उपाय करें

Sawan Somvar lord shiv and shivling
Sawan Somwar 2026: 30 जलाई से श्रावण मास प्रारंभ हो रहा है जो 28 अगस्त को समाप्त होगा। इस वर्ष सावन के महीने में कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं। सावन मास भगवान शिव की भक्ति और कृपा पाने का सबसे उत्तम समय माना जाता है। इस वर्ष सावन में 4 सोमवार पड़ रहे हैं, जिन पर सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग और प्रदोष व्रत जैसे शुभ-अद्भुत संयोग बन रहे हैं।
 

सावन के 4 सोमवार की तिथि:-

पहला सावन सोमवार (3 अगस्त 2026)- सुकर्मा योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग
दूसरा सावन सोमवार (10 अगस्त 2026)- सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग
तीसरा सावन सोमवार (17 अगस्त 2026)- नाग पंचमी का विशेष संयोग
चौथा सावन सोमवार (24 अगस्त 2026)- सर्वार्थ सिद्धि योग व सावन समापन योग

4 विशेष उपाय (मनोकामना पूर्ति के लिए)

इन अद्भुत योगों में अपनी-अपनी समस्याओं के निवारण के लिए आप यह 4 आसान और अचूक उपाय कर सकते हैं:

1. आर्थिक तंगी और धन लाभ के लिए (कच्चा दूध और काले तिल)

उपाय: सावन के सोमवार को तांबे या चांदी के लोटे में जल लें, उसमें थोड़ा सा कच्चा दूध और काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर जल अर्पित (जलाभिषेक) करें।
लाभ: इससे ग्रहों के दोष दूर होते हैं, कर्जों से मुक्ति मिलती है और धन-धान्य में वृद्धि होती है।
Sawan Somvar

2. मनोकामना पूर्ति और शीघ्र विवाह के लिए (108 बेलपत्र और चंदन)

उपाय: 108 निर्दोष (बिना कटे-फटे) बेलपत्र लें। उन पर पीले चंदन से 'ॐ' या 'राम' लिखें। इसके बाद एक-एक बेलपत्र 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें।
लाभ: कुंवारे जातकों को मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और रुकी हुई मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

3. आरोग्य और रोग मुक्ति के लिए (महामृत्युंजय व शमी पत्र)

उपाय: शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करने के बाद शमी के पत्ते और दूर्वा चढ़ाएं। इसके बाद मंदिर में बैठकर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
लाभ: गंभीर बीमारियों, मानसिक तनाव और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
 

4. गृह क्लेश व वैवाहिक सुख के लिए (गन्ने का रस व केसर)

उपाय: सावन सोमवार के दिन शिवलिंग पर गन्ने के रस से या केसर मिले दूध से अभिषेक करें। साथ ही माता पार्वती को लाल चुनरी और श्रृंगार सामग्री अर्पित करें।
लाभ: दांपत्य जीवन में आ रही कड़वाहट खत्म होती है और परिवार में सुख-शांति का वास होता है।
 

विशेष टिप:

सोमवार के दिन पूजा के समय भोलेनाथ को भांग, धतूरा और अक्षत (बिना टूटे चावल) चढ़ाना न भूलें। पूजा के अंत में आरती करके अपनी गलतियों के लिए क्षमा प्रार्थना अवश्य करें। इस वर्ष सावन के आखिरी दिन यानी 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर रक्षाबंधन का त्योहार भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
 
अगला लेख
बुध ग्रह का मिथुन राशि में मार्गी गोचर, 4 राशियों के लिए रहेगा शुभ समय