ramcharitmanas

चतुर्थ सावन सोमवार पर बन रहे हैं शुभ योग, क्या करें और क्या नहीं करें?

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 31 जुलाई 2025 (13:29 IST)
Lord Shiva Puja Sawan 2025: इस बार चौथा सावन सोमवार 04 अगस्त 2025 को पड़ रहा है, जब सर्वार्थ सिद्धि, ब्रह्म और इंद्र जैसे शुभ योग बन रहे हैं। जानें सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव की पूजा विधि, क्या करें और क्या न करें, ताकि आपको भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त हो और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों। आइए यहां जानते हैं श्रावण मास के इस पवित्र अंतिम दिन के बारे में खास जानकारी...ALSO READ: सावन सोमवार में भगवान शिवजी की 3 प्रकार से करें पूजा, फिर देखें चमत्कार
 
शुभ योग: चतुर्थ सावन सोमवार, 4 अगस्त 2025 को निम्नलिखित शुभ योग बनेंगे तथा इन शुभ योगों के साथ, चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहकर अनुराधा और चित्रा नक्षत्र से संचार करेगा, जो इस दिन की महत्ता को और बढ़ा देगा।
 
• सर्वार्थ सिद्धि योग: यह योग सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस योग में की गई पूजा और उपाय विशेष लाभ प्रदान करते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
 
• ब्रह्म योग: यह योग आध्यात्मिक कार्यों, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से शुभ होता है।
 
• इंद्र योग: यह योग भी शुभ कार्यों और सफलता के लिए उत्तम माना जाता है।ALSO READ: क्या पीरियड में सावन सोमवार का व्रत रख सकते हैं?
 
क्या करें:
पूजा विधि और नियम- चतुर्थ सावन सोमवार पर भगवान शिव को प्रसन्न करने और इन शुभ योगों का लाभ उठाने के लिए आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:
 
1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान शिव के समक्ष सावन सोमवार व्रत का संकल्प लें।
 
2. मंदिर जाएं या घर पर ही शिवलिंग स्थापित कर पूजा करें। पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। सबसे पहले शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
 
3. शिवलिंग का दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें।
 
4. शिवलिंग पर बेलपत्र, सफेद पुष्प, धतूरा, आक के फूल, अक्षत, भस्म और भांग अर्पित करें।
 
5. 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें। आप शिव चालीसा, शिव तांडव स्तोत्र और श्रावण मास कथा का पाठ भी कर सकते हैं।
 
6. भगवान शिव को सफेद मिठाई, जैसे- खीर का भोग लगाएं। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
 
7. यदि आप व्रत रख रहे हैं, तो दिनभर फल, दूध, साबूदाना, सिंघाड़ा, मूंगफली आदि का फलाहार लें, तथा सेंधा नमक का उपयोग करें। अनाज और नमक का सेवन न करें।
 
8. पूरे दिन मन, वाणी और कर्म से पवित्रता बनाए रखें। किसी पर क्रोध न करें और न ही किसी की निंदा करें।
 
9. अपनी क्षमतानुसार गरीबों या जरूरतमंदों को दान करें।
 
क्या न करें:
सावन सोमवार के दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
 
1. शिव पूजा के दौरान काले वस्त्र पहनने से बचें।
2. झूठ बोलने, किसी को कष्ट पहुंचाने या अपशब्दों का प्रयोग करने से बचें। नकारात्मक विचारों से दूरी बनाएं।
3. शिवलिंग पर तुलसी का पत्ता, सिंदूर, केतकी के फूल और हल्दी अर्पित करने से बचना चाहिए।
4. शिवलिंग पर शंख से जल अर्पित करने की मनाही होती है।
5. शिवलिंग पर नारियल नहीं चढ़ाना चाहिए। 
6. सावन सोमवार व्रत के दिन दिन में नहीं सोना चाहिए।
7. मन में किसी भी प्रकार का अहंकार या घमंड न आने दें।
8. व्रत करने वाले और घर के सदस्यों को प्याज, लहसुन और मांस-मदिरा जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
 
इस तरह चतुर्थ सावन सोमवार का यह शुभ संयोग भगवान शिव की आराधना और उनकी कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आप भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।ALSO READ: सावन सोमवार को शिवजी को किस समय, कैसे और किस दिशा में मुंह करके जलाभिषेक करें?

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 26 अगस्‍त 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

अंक दर्शन : 2026 की राखी और संस्कारों में छिपी ग्रह ऊर्जा

चातुर्मास 2026: प्रथम के बाद द्वितीय चातुर्मास प्रारंभ, जानिए इस माह क्या करें और क्या नहीं

Rakhi mithai: रक्षाबंधन स्पेशल फूड: इस राखी भाई को खिलाएं ये खास 5 मिठाइयां

रक्षाबंधन 2026: भाई की कलाई पर सजाएं उसकी राशि के अनुसार लकी राखी

अगला लेख