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सावन के पहले सोमवार पर निकलेगी बाबा महाकाल की पहली सवारी, नोट कर लें पूरा शेड्यूल और रूट

Updated: शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 (12:28 IST)
Sawan Mahakal Sawari 2026 Schedule: श्रावण मास (सावन) का पावन महीना शुरू होते ही धर्मनगरी उज्जैन में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। सावन के पहले सोमवार का शिवभक्तों को सालभर इंतजार रहता है, क्योंकि इस दिन अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकालेश्वर अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं। अगर आप भी सावन के पहले सोमवार पर बाबा महाकाल के दर्शन और उनकी भव्य सवारी का साक्षी बनना चाहते हैं, तो यहाँ जानें सवारी की समय-सारणी (Schedule), मार्ग (Route) और इसका धार्मिक महत्व।
 

महाकाल की पहली सवारी का पूरा शेड्यूल (Timing)

सावन के पहले सोमवार पर भगवान महाकाल की पालकी अत्यंत ठाट-बाट और लवाजमे के साथ मंदिर से रवाना होती है:
सवारी पूजन का समय: दोपहर 03:30 बजे (श्री सभा मंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन)
मंदिर से पालकी का प्रस्थान: शाम 04:00 बजे
रामघाट आगमन और क्षिप्रा तट पर पूजन: शाम 05:00 बजे से 05:30 बजे तक
मंदिर वापसी: शाम 07:15 बजे तक बाबा महाकाल पुनः मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं।
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किस मार्ग से होकर गुजरेगी बाबा की सवारी? (Route Map)

भगवान महाकाल की पालकी मुख्य द्वार से निकलकर पारंपरिक मार्गों से होती हुई क्षिप्रा तट पहुंचती है:
मंदिर का मुख्य द्वार- गुदरी चौराहा - बख्शी बाजार - कहारवाड़ी
रामघाट (क्षिप्रा तट): यहाँ पवित्र क्षिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और आरती होती है।
वापसी का मार्ग: रामघाट- रामानुजकोट- मोढ़ की धर्मशाला- कार्तिक चौक- ढाबा रोड- गोपाल मंदिर- पटनी बाजार- गुदरी चौराहा होकर वापस महाकाल मंदिर।
 

पहले सोमवार को किस रूप में दर्शन देंगे भोलेनाथ?

सावन के पहले सोमवार को भगवान महाकाल 'चंद्रमौलेश्वर' रूप में पालकी में विराजमान होकर प्रजा को दर्शन देते हैं। वहीं, पालकी के पीछे हाथी पर भगवान मनमहेश की प्रतिमा विराजित होती है। सवारी के दौरान सशस्त्र पुलिस बल की टुकड़ी बाबा महाकाल को गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) देती है। ढोल-नगाड़ों, झांज-मंजीरों और "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरी उज्जैन नगरी शिवमय हो जाती है।
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सवारी में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी टिप्स

समय का ध्यान रखें: सवारी मार्ग पर अत्यधिक भीड़ रहती है, इसलिए दोपहर 3:00 बजे से पहले ही अपने तय स्थान पर पहुंच जाएं।
गोपाल मंदिर पर हरि-हर मिलन: सवारी जब गोपाल मंदिर पहुंचती है, तो वहाँ 'हरि-हर मिलन' का अद्भुत दृश्य होता है। यहाँ दर्शन करना बेहद शुभ माना जाता है।
लाइव प्रसारण: यदि आप उज्जैन नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो महाकाल मंदिर समिति के आधिकारिक सोशल मीडिया पेज और स्थानीय धार्मिक चैनलों पर सवारी का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।
 

जय श्री महाकाल

 

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