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सावन का पहला सोमवार: जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और 5 खास उपाय

lord shiva sawan somwar first day
शिवभक्ति के पावन धाम सावन का आगाज हो चुका है और 3 अगस्त 2026 को सावन का पहला सोमवार पड़ रहा है! इस बार का पहला सोमवार बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ और अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। अगर आप भी महादेव को प्रसन्न कर अपनी मनोकामना पूरी करना चाहते हैं, तो जानिए पूजा का सटीक समय, सही विधि और व्रत के जरूरी नियम।
 

पूजा के लिए सबसे सटीक शुभ मुहूर्त

महादेव की आराधना के लिए मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। ध्यान रखें कि पूजा के समय राहुकाल का त्याग करें।
ब्रह्म मुहूर्त (सुबह की पूजा): तड़के 04:11 बजे से सुबह 05:33 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की पूजा): दोपहर 12:19 बजे से दोपहर 01:10 बजे तक।
संध्या/रात्रि पूजा मुहूर्त: शाम 07:13 बजे से रात 08:20 बजे तक।
राहुकाल (पूजा से बचें): सुबह 07:53 बजे से सुबह 09:30 बजे तक।
 

पहले सोमवार की सरल व अचूक पूजा-विधि

पवित्र शुरुआत: सुबह जल्दी उठकर नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें, फिर आचमन करके साफ सफेद कपड़े पहनें।
जलाभिषेक का विशेष तरीका: एक लोटे जल में थोड़ा गंगाजल, बेलपत्र और कुछ दाने काले तिल के मिलाकर शिवलिंग पर धीरे-धीरे अर्पित करें।
मंत्र का जाप: जल चढ़ाते समय पूरे भाव से 'ॐ नमः शिवाय' का निरंतर जाप करते रहें।
पंचोपचार पूजन: इसके बाद शिवजी की पंचोपचार पूजा करें और उन्हें उनकी प्रिय चीजें—जैसे आक के फूल, धतूरा, हरसिंगार और बिल्वपत्र अर्पित करें।
भोग व पाठ: भगवान को मनपसंद मिष्ठान या फल का भोग लगाएं। इसके बाद शिव चालीसा या शिव तांडव स्तोत्र का भक्तिभाव से पाठ करें।
आरती व प्रसाद: अंत में कपूर/दीपक से आरती उतारें और परिवार व श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटें।

सावन सोमवार व्रत के कड़े नियम (इन्हें न भूलें!)

सूर्योदय से तीसरे पहर तक का संकल्प: श्रावण सोमवार का व्रत सुबह सूर्योदय के साथ शुरू होकर दिन के तीसरे पहर तक चलता है।
साबूदाने की खिचड़ी से बचें: अक्सर लोग व्रत के नाम पर दोनों टाइम साबूदाने की खिचड़ी या फलाहार दबाकर खा लेते हैं। शास्त्रों में इसे सच्चा उपवास नहीं माना गया है। व्रत का असली अर्थ ही अन्न और भारी भोजन का त्याग करना है।
दो विकल्प- एकाशना या पूर्णोपवास: आप चाहें तो पूरे दिन निराहार रहकर 'पूर्णोपवास' करें या फिर दिन में केवल एक बार सात्विक आहार लेकर 'एकाशना' व्रत का पालन करें।
16 सोमवार की शुरुआत: यदि आप सोलह सोमवार का संकल्प लेना चाहते हैं, तो सावन का यह पहला सोमवार उसकी शुरुआत के लिए सबसे उत्तम माना जाता है।
विशेष मान्यता: शिवपुराण के अनुसार, सावन सोमवार का व्रत जो भी भक्त पूरी निष्ठा और नियमों के साथ रखता है, महादेव उसकी हर मनोकामना बहुत जल्द पूरी कर देते हैं।
 

सावन के पहले सोमवार के 5 खास उपाय

1. 21 बेलपत्र पर चंदन से 'राम' लिखकर चढ़ाएं

यदि आपकी कोई मनोकामना बहुत समय से अटकी हुई है, तो 21 साबुत बेलपत्र (जो कहीं से कटे-फटे न हों) लें और उनके बीच वाली पत्ती पर चंदन से 'राम' लिखें। इसे 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए शिवलिंग पर अर्पित करें।
 

2. जल में काले तिल और कच्चा दूध मिलाकर जलाभिषेक

यदि मानसिक तनाव, गृहक्लेश या राहु-शनि से जुड़ी कोई समस्या परेशान कर रही है, तो तांबे के लोटे में जल, थोड़ा कच्चा दूध और चुटकी भर काले तिल मिलाकर शिवलिंग पर धारा बनाकर चढ़ाएं।
 

3. शमी पत्र और शहद से धन वृद्धि का उपाय

आर्थिक तंगी दूर करने के लिए सावन के पहले सोमवार को शिवलिंग पर थोड़ा सा शहद लगाएं और उसके ऊपर शमी का एक पत्ता अर्पित करें। इससे भगवान शिव के साथ-साथ माता लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।
 

4. महामृत्युंजय मंत्र से रोग-दोष मुक्ति

स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए कम से कम 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
 

5. केसर मिले दूध से अभिषेक (शीघ्र विवाह व सुखी दांपत्य के लिए)

यदि विवाह में देरी हो रही हो या वैवाहिक जीवन में अनबन चल रही हो, तो गाय के कच्चे दूध में थोड़ा सा केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। इससे शिव-पार्वती की संयुक्त कृपा मिलती है।
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