sawan somwar

Shradh paksha 2025: श्राद्ध पक्ष में किन रूपों में घर आते हैं पितृ, जानिए क्यों आते हैं पुरखे

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 6 सितम्बर 2025 (15:50 IST)
In what form do ancestors come home during Pitru Paksha: इस साल श्राद्ध पक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगा। यह वह समय है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों (पितृ) को याद करते हैं और उनका श्राद्ध करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन 16 दिनों के दौरान हमारे पितृ विभिन्न रूपों में धरती पर अपने वंशजों से मिलने आते हैं। इसलिए इन दिनों में कुछ विशेष पशु-पक्षियों का सम्मान करना और उनका भोजन कराना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। आइए जानते हैं कि पितृ किन-किन रूपों में हमारे घर आते हैं और हमें उनका सम्मान क्यों करना चाहिए।

1. कौए
कौए को पितरों का दूत माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि श्राद्ध पक्ष में पितृ कौए के रूप में धरती पर आते हैं और अपने परिवार के सदस्यों द्वारा दिया गया भोजन ग्रहण करते हैं। यही कारण है कि पिंडदान और श्राद्ध का भोजन सबसे पहले कौओं को खिलाया जाता है। अगर कौआ भोजन ग्रहण कर ले, तो यह माना जाता है कि पितृ तृप्त हो गए हैं।

2. चींटियां
चींटियों को पितरों का सूक्ष्म रूप माना जाता है। श्राद्ध के दौरान, भोजन का एक हिस्सा चींटियों को भी खिलाया जाता है। आटे की गोलियां या अन्य खाद्य पदार्थ चींटियों के लिए बनाए जाते हैं, ताकि पितरों की आत्माएं शांत हो सकें। यह माना जाता है कि चींटियों को भोजन कराने से पितरों को मोक्ष मिलता है।

3. गाय
भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और इसे सभी देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। श्राद्ध पक्ष में गाय को भोजन कराना बेहद शुभ माना जाता है। पितरों के लिए निकाला गया पहला भोजन गाय को ही दिया जाता है। यह माना जाता है कि गाय को खिलाने से पितृ सीधे तौर पर भोजन ग्रहण करते हैं और प्रसन्न होते हैं।

4. कुत्ता
कुत्ते को यमराज का दूत माना जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, पितृ कुत्ते के रूप में भी आ सकते हैं, खासकर यदि उन्होंने अपने जीवन में किसी कुत्ते को परेशान किया हो। इसलिए श्राद्ध पक्ष में कुत्तों को भी भोजन कराना महत्वपूर्ण माना जाता है। यह एक तरह से पितरों को शांत करने का तरीका है।

5. साधु, संत, या भिक्षुक
यह माना जाता है कि श्राद्ध पक्ष में पितृ किसी साधु, संत या भिक्षुक के रूप में भी आपके घर आ सकते हैं। ये सभी समाज के वे वर्ग हैं जिन्हें अक्सर भोजन और सम्मान की आवश्यकता होती है। इसलिए इन दिनों किसी भी भिक्षुक या संत का अपमान नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें भोजन और दक्षिणा देकर सम्मानपूर्वक विदा करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ आशीर्वाद देते हैं।

क्यों आते हैं पितर?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पितृ श्राद्ध पक्ष में अपने वंशजों से मिलने इसलिए आते हैं, ताकि वे यह देख सकें कि उनके परिवार में सब ठीक है। वे अपने परिवार की खुशहाली के लिए आशीर्वाद देने आते हैं। श्राद्ध और पिंडदान के माध्यम से वंशज अपने पूर्वजों के प्रति अपना सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिससे उनकी आत्मा को शांति मिलती है। पितरों को इन दिनों में निराश नहीं करना चाहिए, बल्कि श्रद्धापूर्वक उनका श्राद्ध करना चाहिए।
ALSO READ: Pitru Paksha 2025 upay: पुरखों का चाहिए आशीर्वाद तो पितृ पक्ष से पहले कर लें ये जरूरी काम

अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
 

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 05 सितंबर 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

गणेशोत्सव 2026: बप्पा को प्रसन्न करने के लिए घर पर बनाएं ये 5 आसान और स्वादिष्ट भोग

Weekly Horoscope: 7 सितंबर से 13 सितंबर 2026 का साप्ताहिक राशिफल, जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत? क्या लेकर आ रहा नया सप्ताह?

कैंची धाम दर्शन के लिए कैसे पहुंचें, रुकने की व्यवस्था और जाने का सबसे सही समय क्या है?

बुध का कन्या राशि में गोचर 2026: भद्र राजयोग में इन 5 राशियों पर बरसेगी किस्मत की बारिश

अगला लेख