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हरिद्वार-ऋषिकेश जाने का कौन-सा है सबसे अच्छा समय

Updated: शुक्रवार, 7 अक्टूबर 2022 (12:26 IST)
Uttarakhand Tourism: उत्तराखंड में कई तीर्थ स्थल है। खासाकर छोटा चार धाम यहीं पर स्थिति है। जैसे केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और बद्रीनाथ धाम। गंगा नदी गंगोत्री से निकलकर पहाड़ों से बहती हुई जब मैदान यानी हरिद्वार में बहती है तो उसे देखा बहुत ही शुभ होता है। हरिद्वार को गंगाद्वार भी कहते हैं। पुराणों में इसे मायापुरी कहा गया है। हरिद्वार के पास ही खुबसूरत आध्यात्मिक नगर ऋषिकेश है। यहां का अध्यात्म और मौसम दुनिया में और कहीं नहीं मिलेगा।
 
 
हरिद्वार : उत्तराखंड का एक शहर हरिद्वार जहां लगता है विश्व प्रसिद्ध कुंभ मेला। गंगा के तट पर बसा यह नगर बहुत ही खूबसूरत और प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है। गंगा तट पर बसी तीर्थ और कुंभ नगरी हरिद्वार में कई प्राचीन मंदिर, आश्रम और तपोवन है। यहां पर शक्ति त्रिकोण है अर्थात माता के तीन प्रमुख मंदिर है। मनसा देवी, चंडी देवी और महामाया शक्तिपीठ। गंगा के तट पर ब्रह्मकुंड नामक तट है जहां पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। यहीं पर कई प्राचीन मंदिर और स्थान है। उन्हीं में से एक है गंगा मंदिर। हरिद्वार तट पर ब्रह्मकुंड के समीप गंगा मंदिर है। यहां गंगा आरती को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। हालांकि ऋषिकेश में भी आरती होती है।
Madhya Pradesh Tourism
ऋषिकेश : ऋषिकेश हरिद्वार से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर है, जिसे पूरे एक दिन में घूमा जा सकता है। वैसे तो यहां काफी दर्शनीय स्‍थल देखने लायक है। ऋषिकेश बहुत ही मनोरम स्थान है। यहां हिमालय और गंगा के दर्शन करना बहुत ही अद्भुत अनुभव रहेगा। यहां पर आप बंजी जंपिंग भी कर सकते हैं। ऋषि केश से करीब 25 किलोमीटर दूर मोहनचट्टी में पेशेवर तरीके से बंजी जंपिंग कराई जाती है। जंपिंग हाइट्स नामक कंपनी द्वरा यहां पर जंपिंग कराई जाती है। मोहनचट्टी में भारत की सबसे ऊंची फिक्स्ड प्लेटफार्म वाला बंजी जंपिंग स्टेशन है। करीब 83 मीटर ऊंचा प्लेटफार्म है।
 
घूमने का मौसम : हरिद्वार और ऋषिकेश में घूमने का मौसम मार्च से जून माह के बीच में घूम सकते हैं। जहां पंचांग के हिसाब से मंदिरों के पट खुलने के दिन और तारीख की घोषणा की जाती हैं। इसी तरह जब दशहरा आता है तब भी यहां घूमा जा सकता है। यानी दशहरा के दिन के आसपास भी यहां घूम सकते हैं।
 
कहां ठहरे:- यहां उत्तराखंड सरकार ने पर्यटकों के लिए आवास गृह बनाए हैं। पर्यटक अपने बजट के हिसाब से ठहरने के स्थान का चयन कर सकते हैं। धर्मशाला, बाबा कमली मंदिर समिति के आवास स्थान भी उपलब्ध है। यह एक विशिष्ठ धार्मिक स्थल होने के कारण यहां शाकाहारी भोजन ही मिलता है।
 
कैसे पहुंचे:- हरिद्वार दिल्ली से लगभग 225 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली व हरिद्वार, गढ़वाल विकास निगम-मंडल द्वारा कई टूर प्लान उपलब्ध हैं। दिल्ली से हरिद्वार के लिए आप चाहे तो ट्रेन अथवा बस से भी जा सकते हैं। जहां, प्राइवेट टैक्सी, उत्तरांचल रोडवेज की बसें या निजी यातायात सेवाएं भी आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जिसका लाभ पर्यटक आसानी से उठा सकते हैं।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

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