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Bhedaghat Mela: भेड़ाघाट में क्यों लगता है मेला?

Written By WD Feature Desk
Updated: गुरुवार, 6 नवंबर 2025 (14:17 IST)
Bhedaghat Mela: भेड़ाघाट मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां भेड़ाघाट में मेला लगने के मुख्य कारण धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम हैं। भेड़ाघाट में मेला तब लगता है, जब वहां विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक या ऐतिहासिक आयोजनों का आयोजन होता है। 
यहां कई कारणों से समय-समय पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा यानी मेला जैसा माहौल लगता है, लेकिन दो प्रमुख वार्षिक आयोजन हैं:ALSO READ: Utpanna Ekadashi 2025: उत्पन्ना एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, जानिए महत्व
 
1. कार्तिक पूर्णिमा/शरद पूर्णिमा मेला, जानें धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व: भेड़ाघाट में लगने वाला कार्तिक पूर्णिमा का मेला सबसे पुराना और ऐतिहासिक है।
 
धार्मिक आस्था: यह स्थान पवित्र नर्मदा नदी के तट पर स्थित है। कार्तिक पूर्णिमा और शरद पूर्णिमा को नर्मदा नदी में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन संगम स्थल जहां नर्मदा और बावनगंगा मिलती हैं तथा धुआंधार जलप्रपात के पास स्नान और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित होते हैं, जिससे मेले का माहौल बन जाता है।
 
ऐतिहासिक महत्व: यह मेला पहले पांच दिनों तक लगता था और स्थानीय संस्कृति, व्यापार और सभ्यता का एक बड़ा केंद्र हुआ करता था, हालांकि अब इसका स्वरूप सिमट गया है।
 
चौसठ योगिनी मंदिर: समीप स्थित प्राचीन चौसठ योगिनी मंदिर के दर्शन के लिए भी श्रद्धालु यहां जुटते हैं।
 
2. नर्मदा महोत्सव: नर्मदा महोत्सव एक बड़ा सांस्कृतिक आयोजन है, जिसे भेड़ाघाट को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियों और धुआंधार जलप्रपात के अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाना है।
 
सांस्कृतिक कार्यक्रम: इस दौरान देश के जाने-माने कलाकार, नृत्यांगनाएं और गायक अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देते हैं। नर्मदा नदी के तट पर, चांदनी रात में संगमरमर की चट्टानों के बीच संगीत और नृत्य का यह संगम एक अद्भुत और अविस्मरणीय अनुभव होता है, जो यहां मेला जैसा उत्साह पैदा करता है।
 
भेड़ाघाट में मेला मुख्य रूप से नर्मदा नदी की धार्मिक पवित्रता और यहां के अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य धुआंधार जलप्रपात और संगमरमर की चट्टानें को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक महोत्सव के कारण लगता है। इस प्रकार भेड़ाघाट में मेला आयोजित करने का मुख्य कारण धार्मिक आस्थाएं, सांस्कृतिक परंपराएं और प्राकृतिक सुंदरता हैं, जो पर्यटकों और भक्तों को आकर्षित करती हैं।

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