Hanuman Chalisa

राखी पर घर आया अजनबी शख़्स

Updated: शनिवार, 25 अगस्त 2018 (15:12 IST)
नेहा को पिछले कुछ दिनों से एक अजनबी शख़्स घूर रहा था। दफ़्तर जाते, बाज़ार में सब्ज़ी लेते या सुबह डेयरी वाले के यहां दूध लेते, वह शख़्स उसे मिल ही जाता। नेहा को अब उस शख़्स पर शक होने लगा था। इससे वह कुछ डरी सहमी-सी रहने लगी थी। आज रक्षाबंधन का त्योहार था। उस शख़्स को अपने घर के दरवाजे पर खड़ा देख नेहा ने डर के मारे मां को आवाज़ देकर बुला लिया।
 
मां ने हिचकिचाते हुए पूछा- आपको पहचाना नहीं?
 
शख़्स- जी, मेरा नाम मयंक है। मैं आपके आगे वाली गली में रहता हूं। अभी कुछ दिनों पहले ही यहां की बैंक में मेरा तबादला हुआ है। आपके पड़ोस में रहने वाले शर्माजी मेरे मित्र हैं।
 
दरअसल, मैंने कुछ दिनों पहले उनसे एक बहन बनाने के बारे में बात की थी। तब उन्होंने मुझे नेहा के बारे में बताया और कहा कि उसका कोई भाई  नहीं है। मैंने सोचा कि क्यूं न आज के दिन नेहा से राखी बंधवाकर उसे मैं अपनी बहन बना लूं। मुझे एक बहन मिल जाएगी और नेहा को एक भाई। यदि आपको कोई आपत्ति ना हो तो! मां ने मयंक को हंसते हुए घर के भीतर बुला लिया। अब नेहा के चेहरे से डर ग़ायब हुआ और उसकी मुस्कान बता रही थी कि उसने अजनबी शख़्स को अपना भाई स्वीकार कर लिया था।
 
ALSO READ: सिर्फ सुरक्षा नहीं, बहन को दीजिए आर्थ‍िक सुरक्षा भी, जानिए 6 बेहतरीन उपहार

लेखक के बारे में
देवेंद्रराज सुथार

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है...

अगला लेख