sundarkand

नीतीश कुमार बोले, बिहार में प्रति व्यक्ति आय कम, विशेष दर्जे की जरूरत

Updated: शुक्रवार, 12 जुलाई 2019 (19:50 IST)
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि जब कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को दी जाने वाली राशि बढ़ाने की बात आती है तो वे असमर्थ महसूस करते हैं। यही कारण है कि वे विशेष दर्जे की मांग करते रहे हैं। कुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी कम है।
 
कुमार ने राजद विधायक अब्दुल बारी सिद्दीकी सहित कई विपक्षी नेताओं द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए कहा कि आप हरियाणा और तमिलनाडु की बात करते हैं। वहां (सामाजिक कल्याण योजना के लाभर्थियों) दी जाने वाली राशि की तुलना करते समय कृपया उनकी और हमारी प्रति व्यक्ति आय भी देखें।
 
उन्होंने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय 40 हजार से भी कम है, जो कि राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। यह प्रमुख कारण है कि क्यों हम विशेष दर्जे की मांग करते हैं? प्रस्ताव में सरकार का ध्यान इस तथ्य की ओर आकर्षित किया गया था कि बिहार में कल्याणकारी योजनाओं के तहत भुगतान की जाने वाली राशि तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश में दी जाने वाली राशि से काफी कम है।
 
इसमें कहा गया कि एक पेंशन योजना के लिए राज्य में लाभार्थियों को जो राशि का भुगतान किया जाता है, वह 400 रुपए प्रति महीना है जबकि यह तमिलनाडु और तेलंगाना में 1,000, हरियाणा में 1800 और आंध्रप्रदेश में 2000 रुपए है।
 
बिहार के लिए विशेष राज्य की मांग वर्ष 2000 में झारखंड के निर्माण के साथ ही उठी थी जिससे राज्य अपने खनिज से भरपूर, अपेक्षाकृत अधिक औद्योगिक और शहरीकृत दक्षिणी जिलों से वंचित हो गया था।
 
2005 में कुमार के सत्ता में आने के बाद इसने और जोर पकड़ा और उन्होंने अक्सर विशेष दर्जे को एक चुनावी मुद्दा बनाया। 14वें वित्त आयोग द्वारा इस प्रावधान को समाप्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने कई मौकों पर केंद्र से जरूरी संशोधन करने का आग्रह किया जिससे बिहार को उसका यथोचित लाभ मिल सके।
 
नीतीश कुमार ने कहा कि आप (सिद्दीकी) भी राज्य के वित्तमंत्री रहे हैं। आपको यह सवाल उठाने से पहले हमारी वित्तीय स्थिति पर गौर करना चाहिए था। आप बिहार की तुलना उन राज्यों से कर रहे हैं जिनकी प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
 
उन्होंने कहा कि साथ ही कृपया यह ध्यान में रखिए कि बिहार राज्य पहला ऐसा राज्य है जिसने अपनी स्वयं की पेंशन योजना 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना' शुरू की। उन्होंने कहा कि अन्य कार्यक्रमों से अलग पेंशन योजना गरीबी रेखा से ऊपर जीवन-यापन करने वालों को बाहर नहीं करती।
 
कुमार ने कहा कि सभी पुरुष और महिलाएं जो कोई अन्य पेंशन नहीं प्राप्त कर रहे हैं, वे इसके लाभ के हकदार होंगे। इससे हर वर्ष 1,800 करोड़ रुपए का वार्षिक बोझ पड़ेगा। हालांकि हमें विकास योजनाओं के लिए धनराशि की जरूरत है लेकिन हम योजना लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यद्यपि सिद्दीकी विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट प्रतीत हुए।
 
उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मुख्यमंत्री ने मेरे द्वारा उठाए गए मुद्दे को गंभीरता से लिया। यद्यपि इसमें राज्य की वित्तीय स्थिति पर जोर दिए जाने से हमारे प्रस्ताव में उठाए गए सवाल का उत्तर नहीं मिला। राज्य का इस वर्ष का बजट करीब 2.05 लाख करोड़ रुपए का है। राज्य के बजट में कुछ वर्ष पहले की तुलना में काफी बढ़ोतरी हुई है। (भाषा)

Show comments

iPhone 18 Pro Max लॉन्च से पहले सस्ता हुआ iPhone 17 Pro Max, मिल रहा है धमाकेदार डिस्काउंट

निशु आजाद मामला : स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंद शहर से हिरासत में लिया, CJP ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम, क्या है पूरा मामला

Kia Sorento : भारत में लॉन्च हुई नई प्रीमियम SUV, कीमत ₹27.99 लाख से शुरू; हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ मिलेगी AWD की सुविधा

BLA : बलूचिस्‍तान बना पाकिस्‍तानी सेना का कब्रिस्‍तान, बीएलए ने मचाई तबाही, मुनीर के 25 सैनिकों को किया ढेर

विजय के 'पीएम दांव' पर सियासत गर्माई : DMK और कांग्रेस का तंज, क्या 2029 में विजय बनेंगे प्रधानमंत्री?

सभी देखें

MP के सागर में जहरीली शराब का कहर, 5 लोगों की मौत, 12 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

'Fragile 5' से भारत की छलांग तक, GDP पर उठे सवालों का दिया PM Modi ने दिया जवाब

PM Modi Gujarat Visit: 'स्वच्छता से स्वागत' करेगा गुजरात, 8 सितंबर को PM मोदी के दौरे से पहले भूपेंद्र पटेल ने चलाया खास अभियान

धामी सरकार की नई पहल, लॉन्च हुआ 'मनोरमा कृषि रक्षक' ऐप, किसानों का इस तरह बनेगा सहायक

शिक्षा में राजनीति का कोई स्थान नहीं : सीएम योगी

अगला लेख