पुंछ मुठभेड़ में 3 जवान घायल, शोपियां में नागरिक की मौत

सुरेश एस डुग्गर| पुनः संशोधित रविवार, 24 अक्टूबर 2021 (11:41 IST)
जम्मू। पुंछ के मेंढर स्थित नार खास में एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो चुकी है। 14 दिनों से चल रही इस मुठभेड़ में आज सुरक्षाबलों ने आतंकियों के ठिकाने को पूरी तरह से घेर लिया है। दोनों ओर से जारी फायिंरग में अब तक 2 पुलिस के जवान सहित सेना का एक जवान घायल हो गया है।
इस बीच शोपियां में एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, वह आतंकियों और पुलिस के बीच हुई गोलीबारी में मारा गया।

पुंछ जिले में आज सुबह आतंकवाद विरोधी अभियान में दो पुलिसकर्मी और सेना का एक जवान घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि एक जेल में बंद पाकिस्तानी आतंकवादी जिसे आतंकी ठिकाने की पहचान के लिए जंगल में ले जाया गया था, वह भी क्रास फायरिंग में घायल हुआ है। उसे भारी गोलीबारी के कारण मुठभेड़स्थल से बाहर नहीं निकाला जा सका है।
पुंछ जिले में आज सुबह जंगल में सेना और पुलिस संयुक्त तलाशी अभियान चला रही थी तभी आतंकवादियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी के बाद जवानों ने उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया और ताजा मुठभेड़ शुरू हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि भाटा दुरियां इलाके में जब तलाशी दल एक आतंकवादी ठिकाने के पास पहुंचा तभी फायरिंग हुई, जिसमें दो पुलिसकर्मी, सेना का एक जवान और एक आतंकवादी घायल हो गया। लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी जिया मुस्तफा पिछले कई वर्षों से कोट भलवाल जेल में बंद था और शुक्रवार को ही पुलिस ने उसे 10 दिन के रिमांड पर लिया था, ताकि उसकी निशानदेही पर आतंकी ठिकाने की पहचान हो सके।
पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन से संबंधित पाकिस्तानी आतंकी जिया मुस्तफा जो पिछले 15 वर्षों से जम्मू के कोट भलवाल जेल में बंद हैं, को शनिवार शाम को पुलिस भाटा धुरियां के घने जंगलों में ले गई।

पुलिस का दावा है कि वह लगातार पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था। उसे भाटा धुरियां इलाके में मौजूदा आतंकियों की पनाहगाहों बारे पूरी जानकारी है। जैसे ही उक्त आतंकी को भाटा धुरियां के जंगलों में ले जाया गया तो वहां छिपे आतंकियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी।
इस फायरिंग में पुलिस के जवानों सहित आतंकी जिया मुस्तफा घायल हो गया है।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के रहने वाले ज़िया मुस्तफा ने 15 साल पहले घुसपैठ की थी और वह जम्मू की कोट भलवाल जेल में बंद था। ऐसी खबरें थीं कि वह जेल से ही आतंकियों के संपर्क में था।

सेना पिछले 14 दिनों से इस क्षेत्र में सबसे लंबे और कठिन आतंकवाद विरोधी अभियान में लगी हुई है। इस दौरान अब तक दो अधिकारियों समेत नौ जवानों की मौत हो चुकी है।
दूसरी ओर शोपियां जिले में रविवार को आतंकियों ने एक नागरिक पर फायरिंग कर दी, जिसमें उसकी मौत हो गई। वहीं सुरक्षाबल द्वारा तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।

हालांकि अनंतनाग के रहने वाले शाहीद एजाज की मौत के प्रति पुलिस का कहना था कि वह पुलिस व आतंकियों के बीच हुई गोलीबारी में मारा गया है। यह मुठभेड़ शोपियां के जैनापोरा इलाके के बाबपोरा में स्थित केरिपुब के कैम्प के पास हुई थी।



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