गांव बाडो पट्टी के दिनेश कुमार का देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में शोध हेतु चयन
Publish Date: Mon, 27 Jun 2016 (21:50 IST)
Updated Date: Mon, 27 Jun 2016 (21:55 IST)
हिसार। हिसार के गांव बाडो पट्टी के निवासी दिनेश कुमार का चयन भारतीय प्रबन्धन संस्थान (आईआईएम), रांची और भारतीय तकनिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में शोधार्थी के रूप में हुआ है।
28 वर्षीय दिनेश हाल ही में भारतीय वायुसेना में साढ़े नौ वर्ष की सेवा के पश्चात नॉन-कमीशंड ऑफिसर के तौर पर सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके स्नातक और स्नातकोत्तर उपाधि के प्राध्यापक बलकार सिंह पूनिया ने बताया कि दिनेश ने 12वीं कक्षा में उत्तीर्ण होने के पश्चात भारतीय वायुसेना में सेवा प्रारम्भ की। मिलिट्री सर्विस के दौरान ही उसने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से समाज कार्य में स्नातक, अन्नामलाई विश्वविद्यालय से योग में स्नातकोत्तर उपाधि पत्र, इग्नू से ही समाज कार्य में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की।
इसके साथ ही दिनेश ने समाज कार्य में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) और कनिष्ठ शोध छात्रवृत्ति (जेआरएफ) को दो बार उत्तीर्ण करने वाला हरियाणा में इग्नू का पहला छात्र बनने का गौरव भी प्राप्त किया। प्राध्यापिका अमरजीत कौर के अनुसार, संभवतः आईआईएम के प्रतिष्ठित फैलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (एफपीएम) में चयनित होने वाले वे भारत के इतिहास के पहले इग्नू विद्यार्थी और साथ ही साथ पहले सैन्यकर्मी हैं।
इसके साथ ही दिनेश तीन पुस्तक भी लिख चुके हैं और योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी हैं। उनकी तीसरी पुस्तक 'प्रेम की पोथी' का विमोचन गत वर्ष कारगिल युद्ध के महानायक परम वीर चक्र विजेता सूबेदार योगेन्द्र सिंह यादव ने किया था। उनके योग शिक्षक ईश्वर सिंह आर्य ने बताया कि हाल ही में भारत के माननीय उपराष्ट्रपति ने भी दिनेश के पुस्तक लेखन के क्षेत्र में प्रयासों की प्रशंसा की है।