पंजाब में 77% वोटिंग, हिंसा में एक मृत

चंडीगढ़| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 30 जनवरी 2012 (23:45 IST)
PTI
पंजाब में 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए सोमवार को करीब 77 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया और कुछ जिलों में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।

* विधानसभा की 117 सीटों के लिए मतदान
* बादल और अमरिंदर की इज्जत दांव पर
* डेरा सच्चा सौदा के कार्यालय पर पथरा

पंजाब के विशेष मुख्य निर्वाचन अधिकारी उषा आर. शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 65 मतदान प्रतिशत रहा। वहीं, नई दिल्ली में चुनाव आयोग ने पंजाब में 77 प्रतिशत मतदान होने की बात कही है। विधानसभा की 117 सीटों के लिए कुल 1078 उम्मीदवार अपनी चुनावी तकदीर आजमा रहे हैं। मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कर रहे और अमरिंदरसिंह समेत उनकी चुनावी किस्मत ईवीएम में सील हो गई।
पंजाब में 117 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा, हालांकि कुछ जिलों में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच मामूली झड़प की खबर सामने आई हैं।

हालांकि बठिंडा और लुधियाना से मामूली झड़पों की रिपोर्टें मिली हैं, निर्वाचन कार्यालय का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण रहा और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इस बीच प्राप्त खबरों के अनुसार कुछ लोगों ने लुधियाना के भाजपा युवा मोर्चा महासचिव संजय कपूर पर हमला किया। कपूर को मामूली चोटें आई हैं।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार बठिंडा में अमरीकसिंह रोड पर स्थित डेरा सच्चा सौदा कार्यालय पर पत्थर फेंके गए। बहरहाल, पुलिस हस्तक्षेप से स्थिति पर काबू पाया गया। उधर पूर्व मंत्री मनप्रीत बादल के नेतृत्व वाली पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब ने बुद्धलाडा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं।

इस विषय में पूछे जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सुरक्षित स्टॉक की कुछ मशीनों को एडजस्ट किया जा रहा था, जब पीपीपी के कुछ सदस्यों को लगा कि कुछ छेड़छाड़ की जा रही है।इस बीच ये भी रिपोर्टें हैं कि कुछ मशीनों में तकनीकी गड़बड़ियां आ गई, जिनसे मतदान प्रक्रिया में थोड़ी देर के लिए व्यवधान पैदा हो गया। हालांकि इन्हें तत्काल बदल दिया गया और सुरक्षित स्टॉक की मशीनों का उपयोग किया गया। पंजाब भर के 22 जिलों में बिखरे 19841 मतदान केन्द्रों में मतदान हुआ।
पंजाब में अपनी चुनावी किस्मत आजमाने वालों में मुख्यमंत्री प्रकाशसिंह बादल (लांबी), उनके कांग्रेसी प्रतिद्वंद्वी अमरिंदरसिंह (पटियाला) सुखबीर बादल (जलालाबाद) और रनिंदरसिंह (समाना), पूर्व मुख्यमंत्री राजिन्दर कौर भट्टल (लहरा) शामिल हैं।

एसजीपीसी की पूर्व प्रमुख बीबी जागीर कौर भोलाथ से अपनी चुनावी किस्मत आजमा रही हैं, जबकि पूर्व डीजीपी केपीएस गिल मोगा से विधानसभा में प्रवेश की कोशिश कर रहे हैं। (भाषा)



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