dharma sangrah

कौन हैं सैम पित्रोदा (Sam Pitroda)

Updated: शुक्रवार, 22 मार्च 2019 (18:13 IST)
पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाकर लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को मुश्किल में डालने वाले सैम पित्रोदा को गांधी परिवार का बेहद करीबी माना जाता है। वे वर्तमान में ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन भी हैं। पुलवामा हमले पर सैम ने कहा था कि कुछ लोगों की गलती की सजा पूरे पाकिस्तान को देना ठीक नहीं है।
 
प्रारंभिक जीवन : सैम पित्रोदा का असली नाम सत्यनारायण गंगाराम पित्रोदा है। 4 मई 1942 को सैम का जन्म ओडिशा के एक गुजराती परिवार में हुआ था। सैम के पिता बढ़ई का काम करते थे। चूंकि उनके पिता चाहते थे कि वे गुजराती सीखें, अत: उनकी शुरुआती शिक्षा गुजरात में हुई। फिजिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में उन्होंने महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की। अमेरिका की इलिनॉइस इंस्टीट्‍यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से भी शिक्षा प्राप्त की।
 
भारत में सूचना क्रांति के जनक : सैम को भारत में सूचना क्रांति का जनक कहा जाता है। माना जाता है कि जब मोबाइल फोन लाने का विचार किया जा रहा था तो उसके पीछे सैम का ही हाथ था। साल 2005 से 2009 तक पित्रोदा भारतीय ज्ञान आयोग के चेयरमैन चेयरमैन रह चुके हैं। 1984 में उन्होंने दूरसंचार के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के लिए सी-डॉट यानी 'सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ़ टेलिमैटिक्स' की स्थापना की थी। उनकी क्षमता से प्रभावित होकर राजीव गांधी ने उन्हें घरेलू और विदेशी दूरसंचार नीति को दिशा देने का काम दिया। सैम यूपीए सरकार के समय प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के के जन सूचना संरचना और नवप्रवर्तन सलाहकार रह चुके हैं।
राहुल के करीबी : सैम पित्रोदा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को राजनीतिक सलाह देने का काम भी करते हैं। राहुल की छवि में आए बदलाव का श्रेय भी कांग्रेस के कई नेता पित्रोदा को ही देते हैं। राजीव गांधी की मौत के बाद सैम ने कहा था कि मैंने अपना सबसे प्यारा दोस्त खो दिया। इस हादसे का बाद भारत में उनका मन नहीं लगा। 
 
इस तरह सत्यनारायण से सैम हुए : पढ़ाई खत्म करने के बाद सैम ने टेलीविज़न ट्यूनर बनाने वाली कंपनी ओक इलेक्ट्रिक में काम करना शुरू कर दिया। तब तक उनका नाम सत्यनारायण पित्रोदा हुआ करता था। जब उनको अपने वेतन का चेक मिला तो उसमें उनका नाम सैम लिखा हुआ था। जब उन्होंने इस संबंध में शिकायत की तो वेतन का काम देखने वाली महिला ने कहा कि तुम्हारा नाम बहुत लंबा है, इसलिए मैंने बदल दिया। और, इस तरह सत्यनारायण सैम पित्रोदा हो गए। 
 

Show comments

नितिन नवीन की टीम में 2 मुस्लिम, जानिए कौन हैं तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली?

Jio Prime : ₹300 में सालभर रिचार्ज की टेंशन खत्म! 20 अगस्त से मिलेगा सब्सक्रिप्शन, ₹299 वाला प्लान रहेगा जारी

BJP की नई टीम का ऐलान: स्मृति ईरानी-वसुंधरा राजे की वापसी, पीयूष गोयल बने कोषाध्यक्ष

Twisha Sharma Death Case: CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में बड़ा खुलासा, रिटायर्ड जिला जज और बेटे को बनाया आरोपी

CJP कार्यकर्ता के पिता की पीट-पीटकर जान ली, बंगाल में सरकारी स्कूल की बदहाली दिखाना पड़ा भारी, दीपके ने साधा निशाना

सभी देखें

योगी सरकार का PRD जवानों को बड़ा तोहफा, ₹3,000 वर्दी भत्ता से लेकर कैशलेस मेडिकल कार्ड तक, लखनऊ में बनेगी बहुमंजिला बैरक

UP Divyang Employment : योगी सरकार की बड़ी पहल, 11 दिन में 75 जिलों के 1,559 दिव्यांगजनों को मिला रोजगार

UP-Japan Investment Meet 2026: जापान से यूपी में आएगा बड़ा निवेश, 200 से ज्यादा कंपनियां तलाशेंगी मौके; यीडा में बनेगी ‘जापानी सिटी’

UP Women Safety : योगी सरकार ने 181 महिला हेल्पलाइन के लिए मंजूर किए ₹20.70 लाख, अब और मजबूत होगा सहायता तंत्र

UP Flood Alert : बाढ़ से निपटने के लिए योगी सरकार अलर्ट, 86 टीमें तैनात; 1,586 चौकियां और 1,263 शरणालय तैयार

अगला लेख