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Kali Jayanti 2024: आद्यकाली जयंती : देवी महाकाली के बारे में 5 रोचक तथ्‍य

Written By WD Feature Desk
Updated: शनिवार, 24 अगस्त 2024 (10:43 IST)
mahakali kali
Mahakali Jayanti 2024: श्रावण माह की कृष्ण अष्टमी को काली जयंती मनाई जाती है परंतु पंचांग भेद से पूर्णिमान्त भाद्रपद माह की कृष्ण अष्टमी के दिन भी काली जयन्ती मनायी जाती है। इस बार 26 अगस्त सोमवार 2024 जन्माष्टमी के दिन यह जयंती रहेगी। जानिए माता काली की पूजा के शुभ  मुहूर्त, मंत्र सहित 5 रोचक तथ्य।
 
26 अगस्त 2024 सोमवार का शुभ मुहूर्त:-
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:27 से 05:12 तक।
प्रातः सन्ध्या: प्रात: 04:50 से 05:56 तक।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:57 से दोपहर 12:48 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:23 तक।
अमृत काल: दोपहर 01:36 से 03:09 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:49 से 07:11 तक।
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:49 से 07:56 तक।
निशीथ काल पूजा का समय- 12:01 am से 12:45 am के बीच रहेगा।
 
1. कालिका के रूप : माता काली दस महाविद्याओं में से प्रथम महाविद्या हैं। देवी भागवत पुराण के अनुसार देवी महाकाली भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की शक्ति हैं। ब्रह्मनील तन्त्र के अनुसार देवी काली दो रूपों में स्थित हैं- रक्त वर्ण एवं कृष्ण वर्ण। कृष्ण वर्ण की काली का नाम दक्षिणा तथा रक्तवर्णा काली का नाम सुन्दरी है। इसी साथ शास्त्रों में चार रूप बताएं हैं- 1. दक्षिणा काली, 2. शमशान काली, 3. मातृ काली और 4. महाकाली।ALSO READ: Origin of Kalika: मां महाकाली की उत्पत्ति कथा जानकर चौंक जाएंगे
 
2. साधना के रूप : मां कालिका की साधना के कई रूप हैं लेकिन भक्तों को केवल सात्विक भक्ति ही करना चाहिए। शमशान काली, काम कला काली, गुह्य काली, अष्ट काली, दक्षिण काली, सिद्ध काली, भद्र काली आदि कई मान से मां की साधना होती है।
 
3. माता की उपासना : महाकाली को खुश करने के लिए उनकी फोटो या प्रतिमा के साथ महाकाली के मंत्रों का जाप भी किया जाता है। इस पूजा में महाकाली यंत्र का प्रयोग भी किया जाता है। इसी के साथ चढ़ावे आदि की मदद से भी मां को खुश करने की कोशिश की जाती है। अगर पूरी श्रद्धा से मां की उपासना की जाए तो आपकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो सकती हैं। अगर मां प्रसन्न हो जाती हैं तो मां के आशीर्वाद से आपका जीवन पलट सकता है, भाग्य खुल सकता है और आप फर्श से अर्श पर पहुंच सकते हो।
 
4. काली साबर मंत्र : कालिका माता का यह अचूक मंत्र है। इससे माता जल्द से सुन लेती हैं, लेकिन आपको इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है। आजमाने के लिए मंत्र का इस्तेमाल न करें। यदि आप काली के भक्त हैं तो ही करें।ALSO READ: गुप्त नवरात्रि में करें मां कालिका की इस तरह से साधना, जानें गुप्त मंत्र
 
साबर मंत्र :
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
अब बोलो काली की दुहाई।
 
5. मंत्र नियम : इस मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जाप करने से आर्थिक लाभ मिलता है। इससे धन संबंधित परेशानी दूर हो जाती है। माता काली की कृपा से सब काम संभव हो जाते हैं। 15 दिन में एक बार किसी भी मंगलवार या शुक्रवार के दिन काली माता को मीठा पान व मिठाई का भोग लगाते रहें।
 
चेतावनी : यहां कालका माता की पूजा संबंधी सामान्य जानकारी दी जा रही है। किसी विशेषज्ञ से पूछकर ही माता की पूजा करना चाहिए।ALSO READ: kalika mata: कालिका माता के 7 ऐसे रहस्य जो आप शायद ही जानते होंगे
 

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