भौम प्रदोष व्रत के दिन कर्ज से मुक्ति पाने के लिए कौन-कौन से विशेष उपाय और पूजन किए जाते हैं?
हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को भगवान शिव और माता पार्वती की अनुकंपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। प्रतिवर्ष कुल 24 प्रदोष व्रत रहते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। जिस वार को प्रदोष आता है उस वार के अनुसार प्रदोष व्रत का नामकरण होता है।
मंगलवार को पड़ने वाले प्रदोष का महत्व अलग होता है, जिसे भौम प्रदोष कहते हैं। भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव के साथ-साथ मंगल देव और हनुमान जी की कृपा पाने का सबसे दुर्लभ और फलदायी अवसर माना जाता है। ज्योतिष और धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति भारी कर्ज या वित्तीय संकट से जूझ रहा है, तो भौम प्रदोष के दिन किए गए विशेष पूजन और अचूक उपायों से ऋण से शीघ्र मुक्ति मिलती है।

