यमुना में जल स्तर ‘खतरे के निशान’ के करीब पहुंचा, अलर्ट जारी

पुनः संशोधित शुक्रवार, 30 जुलाई 2021 (12:15 IST)
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मुख्‍य बिंदु
  • हरियाणा ने हथनीकुंड बैराज से यमुना में छोड़ा पानी
  • दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के करीब

  • जल स्तर बढ़कर खतरे के निशान 205.33 मीटर के बेहद करीब
  • बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में लगते हैं 2 से 3 दिन
नई दिल्ली। उत्तर पश्चिम भारत में बारिश होने के कारण यमुना में जल स्तर बढ़कर खतरे के निशान 205.33 मीटर के बेहद करीब पहुंच गया है। दिल्ली प्रशासन ने यमुना नदी में जल स्तर 205.22 मीटर पहुंचने पर शुक्रवार को अलर्ट जारी किया है। इस बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार को तीसरे दिन दिल्ली-एनसीआर में मध्यम बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
हरियाणा द्वारा हथनीकुंड बैराज से यमुना में और पानी छोड़े जाने पर दिल्ली पुलिस और पूर्वी दिल्ली जिला प्रशासन ने राजधानी में यमुना के मैदानी इलाकों में रह रहे लोगों से स्थान खाली कराना शुरू कर दिया है। इन लोगों को यमुना पुश्ता इलाके में शहर की सरकार के आश्रय गृहों में ले जाया जा रहा है।

आज सुबह साढ़े आठ बजे ओल्ड रेलवे ब्रिज पर जल स्तर 205.22 दर्ज किया गया। सुबह छह बजे जल स्तर 205.10 मीटर और सात बजे 205.17 मीटर था। बाढ़ का अलर्ट तब जारी किया जाता है जब यमुना का जल स्तर 204.50 मीटर के खतरे के निशान को पार करता है। 24 घंटे स्थिति की निगरानी की जा रही है।
दिल्ली बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, हथनीकुंड बैराज पर पानी छोड़ने की दर मंगलवार दोपहर को 1.60 लाख क्यूसेक पहुंच गयी जो इस साल अभी तक सबसे अधिक है। बैराज से छोड़े गए पानी को राजधानी पहुंचने तक आम तौर पर दो से तीन दिन लगते हैं।

हरियाणा ने सुबह आठ बजे तक यमुनानगर में स्थित बैराज से 19,056 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा। गुरुवार को रात आठ बजे तक 25,839 क्यूसेक की दर से पानी छोड़ा गया था। सामान्यत: हथनीकुंड बैराज से पानी के बहाव की दर 352 क्यूसेक होती है लेकिन डूब वाले इलाकों में भारी बारिश के बाद ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है। एक क्यूसेक 28.32 लीटर प्रति सेकंड के बराबर होता है।



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