गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025
  • Webdunia Deals
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. Wont Lose Any Seat, Amit Shahs Big Promise To Tamil Nadu On Delimitation
Last Modified: कोयंबटूर , गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025 (00:01 IST)

परिसीमन के बाद कितनी घटेगी तमिलनाडु की लोकसभा सीट? अमित शाह ने बताया सच

परिसीमन के बाद कितनी घटेगी तमिलनाडु की लोकसभा सीट? अमित शाह ने बताया सच - Wont Lose Any Seat, Amit Shahs Big Promise To Tamil Nadu On Delimitation
Amit Shahs Big Promise To Tamil Nadu On Delimitation : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को केंद्र द्वारा तमिलनाडु के साथ किसी भी तरह का अन्याय किए जाने से इनकार किया और इस प्रकार के आरोपों को ध्यान भटकाने का प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2014-24 की अवधि के दौरान राज्य को 5,08,337 करोड़ रुपए प्रदान किए हैं। शाह ने इसके अलावा स्टालिन पर परिसीमन को लेकर गलत सूचना अभियान फैलाने का आरोप लगाया और इस विषय पर अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि जब परिसीमन यथानुपात आधार पर किया जाएगा तो तमिलनाडु सहित किसी भी दक्षिणी राज्य के संसदीय प्रतिनिधित्व में कमी नहीं होगी।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार पर शिक्षा का राजनीतिकरण करने और राज्य का महत्वपूर्ण धन रोकने का आरोप लगाया है। स्टालिन ने कहा है कि परिसीमन दक्षिणी राज्यों, विशेष रूप से तमिलनाडु को प्रभावित करेगा क्योंकि वे परिवार नियोजन कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि परिसीमन के कारण तमिलनाडु को 39 लोकसभा सीटों में से 8 का नुकसान होगा। इस मामले पर चर्चा के लिए उन्होंने पांच मार्च को सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
 
शाह ने राज्य में कानून-व्यवस्था की ‘विफलता’ को लेकर सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने यहां भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘तमिलनाडु में राष्ट्रविरोधी प्रवृत्ति चरम पर है।’’ केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, ‘‘तमिलनाडु सरकार ने 1998 के बम विस्फोट के आरोपी और मास्टरमाइंड (एसए बाशा) की अंतिम यात्रा के दौरान सुरक्षा मुहैया कराई थी।’’
 
द्रमुक के नेताओं के पास भ्रष्टाचार की डिग्री : उन्होंने दावा किया कि ड्रग माफिया को राज्य में मादक पदार्थ बेचने की खुली छूट है और अवैध खनन माफिया यहां राजनीति को भ्रष्ट बना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम में आरोप लगाया कि द्रमुक के सभी नेताओं के पास भ्रष्टाचार में मास्टर डिग्री है। एक नेता नौकरी के बदले नकदी घोटाले में, दूसरा धनशोधन मामले में, तीसरा नेता आय से अधिक संपत्ति के मामले में, चौथा कोयला घोटाले में और पांचवां 6,000 करोड़ रुपये के सीआरआईडीपी घोटाले में शामिल है। ऐसा लगता है कि द्रमुक ने पार्टी सदस्य अभियान के जरिए भ्रष्टाचारियों का चयन किया है।’’
 
उन्होंने कहा कि जहां राज्य के लोग कई मुद्दों को लेकर नाराज हैं, वहीं मुख्यमंत्री और उनके बेटे (उदयनिधि) ने जनता का ध्यान भटकाने के लिए कुछ मुद्दे उठाए हैं। शाह ने इस मुद्दे पर तमिलनाडु सरकार द्वारा बुलाई गई पांच मार्च की सर्वदलीय बैठक के बारे में कहा, ‘‘वे परिसीमन पर एक बैठक करने जा रहे हैं और कह रहे हैं कि हम दक्षिण के साथ कोई अन्याय नहीं होने देंगे।’’
 
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मोदी सरकार ने लोकसभा में स्पष्ट कर दिया है कि परिसीमन के बाद कोई भी दक्षिणी राज्य एक सीट भी नहीं गंवाएगा तथा इस मामले में दक्षिणी राज्यों के लोगों के हित को सुनिश्चित किया जाएगा।
 
मुख्यमंत्री को धन आवंटन पर सच बोलने की चुनौती देते हुए गृह मंत्री ने कहा, ‘‘लोगों के सामने वह (स्टालिन) मेरे सवालों का जवाब दें। मैं आंकड़ों के साथ कहता हूं कि मोदी सरकार ने तमिलनाडु को 5,08,337 लाख करोड़ रुपये दिए जबकि संप्रग सरकार ने 2004 से 2014 के बीच महज 1.52 लाख करोड़ रुपये दिए थे। आप कह रहे हैं कि मोदी सरकार अन्याय कर रही है। लेकिन संप्रग शासन के दौरान राज्य के साथ अन्याय किया गया था जब आप सरकार का हिस्सा थे।’’
 
उन्होंने कहा कि इसके अलावा केंद्र ने तमिलनाडु को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.43 लाख करोड़ रुपए उपलब्ध कराए। शाह ने विश्वविद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा में कमी की निंदा की और चिंता जताई कि अवैध शराब की बिक्री का विरोध करने पर कॉलेज के छात्रों की हत्या की जा रही है।
 
उन्होंने विश्वास जताया कि तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में आएगा और यह जीत महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा की जीत से बड़ी होगी। इस मौके पर शाह ने तिरुवन्नामलाई और रामनाथपुरम में पार्टी कार्यालयों का डिजिटल तरीके से उद्घाटन किया। भाजपा महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, वरिष्ठ नेता डॉ पी सुधाकर रेड्डी, पोन राधाकृष्णन, एच राजा और प्रदेश इकाई के अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
क्या बोले द्रमुक नेता : शाह के आरोपों का जवाब देते हुए द्रमुक के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सदस्य ए. राजा ने पूछा कि आनुपातिक अनुपात का आधार क्या है। चेन्नई में द्रमुक मुख्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए राजा ने पूछा, ‘‘समस्या आनुपातिक है। संख्यात्मक दृष्टि से कितनी सीटें हैं, इस बारे में कोई समस्या नहीं है। अनुपात किस आधार पर है, जनसंख्या के आधार पर या सांसद या विधायक के मौजूदा निर्वाचन क्षेत्र के आधार पर।’’ उन्होंने पूछा कि क्या जनसंख्या नियंत्रण पर सरकार की सलाह मानने के लिए तमिलनाडु को ‘‘दंडित’’ किया जा रहा है।
 
राजा ने कहा कि केंद्र के दावे के अनुसार अगर तमिलनाडु में संसदीय सीटें कम नहीं होती हैं, तो भी परिसीमन के परिणामस्वरूप कुछ अन्य राज्यों में सीटें बढ़ सकती हैं। द्रमुक नेता ने कहा कि इससे तमिलनाडु पर असर पड़ सकता है। अगर मतदान हुआ तो नीट या जल्लीकट्टू जैसे महत्वपूर्ण मामलों में हमारी आवाज दबा दी जाएगी।’’ राजा ने कहा कि अगर वे घोषणा करते हैं कि आनुपातिक अनुपात जनसंख्या के आधार पर नहीं बल्कि संसदीय क्षेत्र की संख्यात्मक ताकत के आधार पर है, तो हम (5 मार्च की) सर्वदलीय बैठक वापस ले लेंगे। इनपुट भाषा Edited by : Sudhir Sharma