सम्बंधित जानकारी
- मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, विपक्ष ने किया वॉकआउट, जानिए क्यों मचा हंगामा?
- Sonam Wangchuk Story : 3 Idiots के फुनसुख वांगडू से भी आगे है असली कहानी, जानिए कैसे बदली लद्दाख की तस्वीर
- UCC पर आगे बढ़ी मोहन यादव सरकार, कमेटी ने आम नागरिकों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों से मांगी राय
- मैं Cockroach Janta Party के प्रदर्शन में शामिल होऊंगा, सोनम वांगचुक ने जारी किया वीडियो
- गुजरात चुनाव आयोग का बड़ा आदेश, सोशल मीडिया कैंपेन पर होने वाले खर्च का हिसाब देना हुआ अनिवार्य
क्या अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक, अस्पताल में ही चलेगा इलाज, अनशन को लेकर क्या बोली पत्नी?
Sonam Wangchuk News : पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल पर डटे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन कल यानी सोमवार को खत्म हो सकता है। खबरों के अनुसार, सोनम की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि यदि राजनीतिक दल उनसे मिलकर मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वह अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने उन्हें तत्काल सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश देने से इनकार कर दिया।
पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल पर डटे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन कल यानी सोमवार को खत्म हो सकता है। खबरों के अनुसार, सोनम की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि यदि राजनीतिक दल उनसे मिलकर मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वह अनशन समाप्त कर देंगे।
स्वास्थ्य में हुआ मामूली सुधार
वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से फिलहाल बड़ी राहत नहीं मिल सकी। अदालत ने उन्हें तत्काल सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार वांगचुक के स्वास्थ्य में मामूली सुधार हुआ है और सभी जरूरी स्वास्थ्य मानक स्थिर हैं, लेकिन लंबे उपवास के कारण उन्हें अभी भी 24 घंटे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा, सोनम वांगचुक की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए उन्हें सफदरजंग हॉस्पिटल में शिफ्ट करना मनमाना नहीं कहा जा सकता। यह देखा गया है कि वांगचुक के खिलाफ कोई ज़बरदस्ती नहीं की जा रही है। उनके शरीर की आज़ादी का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। सोनम वांगचुक को मेडिकल स्टाफ के साथ सहयोग करना चाहिए।
पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं सोनम वांगचुक
दिल्ली के जंतर-मंतर से पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल उठाकर ले गई है। उनके मेडिकल चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें दवाइयां लेने और तरल पदार्थ नसों के जरिए लेने की सलाह दी, लेकिन सोनम वांगचुक ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा है कि वह न ही दवाइयां लेंगे और न ही नसों के जरिए तरल पदार्थ।
सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग वाली याचिका पर उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि वे उन्हें इसलिए लाए क्योंकि उनकी सेहत बिगड़ रही थी और उन्हें इसकी बहुत चिंता थी, लेकिन ये दावे गलत हैं। सबसे पहली बात उनकी सेहत बिल्कुल भी नहीं बिगड़ रही थी।
संसद तक मार्च को लेकर क्या बोली पुलिस?
कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च की खबरों पर नई दिल्ली के डीसीपी ने कहा कि सीजेपी द्वारा 20 जुलाई को संसद तक प्रस्तावित मार्च की खबरों को देखते हुए यह साफ तौर पर स्पष्ट किया जाता है कि दिल्ली पुलिस को ऐसी अनुमति के लिए कोई आवेदन नहीं मिला है और न ही ऐसी कोई अनुमति दी गई है। पूरे नई दिल्ली में धारा 163 बीएनएसएस के तहत निषेधाज्ञा लागू है।
ग़ौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी और उनके समर्थन में 21 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की है।
