Sonam Wangchuk : सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, भूख हड़ताल के दौरान डिहाइड्रेशन के संकेत, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान तबीयत खराब होने लगी है। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि वांगचुक में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के लक्षण दिखाई दे रहे हैं और गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए उन्हें तुरंत तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी की जरूरत है।
हालांकि, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक और उनके परिवार ने अभी तक यह उपचार लेने की सहमति नहीं दी है। अस्पताल ने शनिवार रात जारी बयान में कहा कि वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी हीमोडायनामिक स्थिति स्थिर है। उनकी नाड़ी, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर सामान्य सीमा में हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास के प्रभाव को देखते हुए डॉक्टरों ने चिंता जताई है।
लंबे उपवास से स्वास्थ्य पर पड़ा असर: अस्पताल
सफदरजंग अस्पताल के अनुसार, लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण वांगचुक में डिहाइड्रेशन के स्पष्ट चिकित्सकीय संकेत मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) या नसों के जरिए फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट थेरेपी देना जरूरी है। दिल्ली स्थित AIIMS के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टर ने भी वांगचुक की जांच की और इलाज कर रहे डॉक्टरों की राय से सहमति जताई कि उन्हें तुरंत रिहाइड्रेशन थेरेपी की आवश्यकता है।
अस्पताल ने बताया कि AIIMS के डॉक्टर भी अब मेडिकल टीम में शामिल हो गए हैं और सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर वांगचुक की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।
वांगचुक ने इलाज लेने से किया इनकार
अस्पताल के मुताबिक, इलाज कर रही टीम और AIIMS विशेषज्ञ की सलाह के बावजूद सोनम वांगचुक ने:
नसों के जरिए दिए जाने वाले फ्लूइड (IV Fluids) ORS दवाइयां लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल ने बताया कि उनके परिवार ने भी अभी तक जरूरी इलाज के लिए सहमति नहीं दी है।
डॉक्टरों ने दी गंभीर खतरे की चेतावनी
हालांकि फिलहाल वांगचुक के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेत (Vital Parameters) सामान्य हैं, लेकिन डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक शरीर में पानी की कमी रहने से स्वास्थ्य तेजी से खराब हो सकता है। अस्पताल ने कहा कि वांगचुक को लगातार निगरानी में रखा गया है और डॉक्टर उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उन्हें और उनके परिवार को इलाज के लिए समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
NEET विवाद को लेकर 28 जून से जारी है भूख हड़ताल
सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। वह 28 जून से अनिश्चितकालीन उपवास पर हैं। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और इससे जुड़े छात्र मौत के मामलों को लेकर CJP के नेतृत्व वाले आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। वांगचुक के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन कार्यकर्ता भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल हैं।

